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पुलवामा: सर्वदलीय बैठक में सरकार चाहती थी अपने एक्शन पर समर्थन, विपक्ष ने बदलवाया ड्राफ्ट

ठक में कैबिनेट मंत्री रामदास अठावले और शिवसेना नेता संजय राउत ने सरकार को उकसाते हुए त्वरित कारवाई का सुझाव दिया।हालांकि वहां मौजूद अन्य लोगों ने उकसावे वाले कदम को सही नहीं ठहराया।

pm modi, pulwama terror attackपुलवामा आतंकी हमले के बाद सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। (PTI Photo)

पुलवामा हमले में को लेकर रणनीति बनाने औपर विचार करने को लेकर शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस दौरान सभी पार्टी के नेताओं ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए आतंकवाद के सभी प्रारूपों की निंदा की और पड़ोसी मुल्क को प्रायोजित आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया।इस दौरान सभी ने एक स्वर में देश के साथ खड़े होने की बात कही और आतंकवाद की चुनौती से मिलकर लड़ने और इस समस्या का सही हल निकालने और सरकार को जरूरी अगला कदम उठाने के लिए कहा।बैठक में कैबिनेट मंत्री रामदास अठावले और शिवसेना नेता संजय राउत ने सरकार को उकसाते हुए त्वरित कारवाई का सुझाव दिया।

हालांकि वहां मौजूद अन्य लोगों ने उकसावे वाले कदम को सही नहीं ठहराया। अठावले ने भारत को चीता और पाकिस्तान को बिल्ली बताया लेकिन उनके सुझाव पर इतना ध्यान नहीं दिया गया।राज्य सभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से सभी बड़ी और क्षेत्रीय पार्टी के प्रमुखों के साथ बैठक करने को कहा। इस सुझाव पर टीएमसी नेता डेरेक ओब्रायन और सीपीआई के नेता डी राजा ने भी समर्थन किया। सरकार के समर्थन में आई पार्टियों ने हालांकि प्रस्ताव में आशिंक बदलाव बनाने की मांग की।

विपक्ष ने कराया यह बदलाव-
अंतिम प्रस्ताव में लिखा गया कि भारत पिछले तीन दशक से सीमा पार से प्रायोजित आतंक से जूझ रहा है। इस दौरान भारत ने ढृढ़ता और सख्ती से इसका मुकाबला किया है। हम सब देश की एकता और अखंडता के लिए लड़ रहे सुरक्षा बलों के साथ खड़े हैं।
सूत्रों की मानें तो इस प्रस्ताव में पहले क्रेंद और राज्य दोनों द्वारा दृढ़ जवाब देने की बात कही गई थी। लेकिन टीएमसी और कांग्रेस के सुझाव पर प्रस्ताव से केंद्र और राज्य सरकार हटा लिया गया।

कश्मीरियों की सुरक्षा-
इस दौरान कई नेताओं ने कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा का सवाल उठाते हुए कहा कि देश में कश्मीरियों के साथ बुरा बर्ताव करने की घटनाएं देश के कई हिस्सों से सामने आई है। फारुक ने कहा कि हमें समझना चाहिए की कश्मीरी पाकिस्तानी नहीं हैं। कश्मीर को साथ रखने के लिए उनके जख्मों पर मरहम लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले होने के बाद माहौल में सांप्रदायिक घटनाएं नहीं होनी चाहिए। अब्दुल्लाह ने कहा कि आतंकियों पर कारवाई होनी चाहिए मासूम कशमीरियों पर नहीं।बैठक के अंत में राजनाथ सिंह ने एडवाइजरी जारी करते हुए देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के निर्देश दिए ।

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