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दलहन-तिलहन की खरीद में 13 गुना वृद्धि, 54 लाख किसानों को फायदा

कृषि मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में 2009-10 के दौरान दलहनों का उत्पादन 14.66 मिलियन टन था जबकि इसकी तुलना में 2017-18 के दौरान दलहनों का उत्पादन 25.23 मिलियन टन हुआ है। इस तरह, दलहनों के उत्पादन में 72.10 फीसद की वृद्धि हुई है।

Author December 6, 2018 7:38 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Image Source: pixabay)

केंद्र सरकार ने यह दावा किया है कि वह किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने, उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने और किसानों के लिए लाभकारी व स्थिर मूल्य वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इस संबंध में सरकार ने पिछले साढ़े चार साल के दौरान दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तरह की गतिविधियां शुरू की हैं ताकि देश में खाद्यान्नों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करते हुए किसानों की आय में भी अधिकाधिक वृद्धि की जा सके। 2009-2014 के दौरान की गई खरीद की तुलना में 2014 से आज तक दलहन और तिलहन की खरीद में लगभग 13 गुना वृद्धि हुई। इससे करीब 54 लाख किसानों को लाभ पहुंचा है।

कृषि मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में 2009-10 के दौरान दलहनों का उत्पादन 14.66 मिलियन टन था जबकि इसकी तुलना में 2017-18 के दौरान दलहनों का उत्पादन 25.23 मिलियन टन हुआ है। इस तरह, दलहनों के उत्पादन में 72.10 फीसद की वृद्धि हुई है। इसी तरह, उपरोक्त अवधि के दौरान 24.88 मिलियन टन तिलहन के उत्पादन की तुलना में 31.3 मिलियन टन तिलहन का उत्पादन हुआ है। इस तरह तिलहन के उत्पादन में भी 25.80 फीसद वृद्धि दर्ज की गई है।

उल्लेखनीय है कि 2009-10 से 2013-14 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 3117.38 करोड़ रुपए कीमत की केवल 7.28 लाख टन दलहन एवं तिलहन की खरीद की गई थी जबकि 2014-15 से 2018-19 के दौरान समर्थन दरों पर भारत सरकार द्वारा 44142.50 करोड़ रुपए कीमत की 93.97 लाख टन दलहन और तिलहन की खरीद की गई है। इसमें 35,800 करोड़ रुपए कीमत की 78.84 लाख टन खरीद अकेले मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में की गई है। इस अवधि के दौरान दलहनों व तिलहनों की खरीद से 54 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए जो यह दर्शाता है कि एमएसपी खरीद द्वारा औसत रूप से एक किसान को लगभग 80000 रुपए का लाभ पहुंचा था।

हाल ही में शुरू की गई अम्ब्रेला योजना – ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा)’ में कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करने के लिए उत्पादकों/किसानों के लिए लाभकारी और स्थायी मूल्य वातावरण बनाने के लिए समग्र व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री-आशा योजना में 15,053 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता का प्रावधान है।

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