Pulitzer award winner Louis M Simons revealed Sanjay gandhi slap Mother indira gandhi before emergency 1975 - भारत से निकाले गए पत्रकार का दावा- पार्टी में सबके सामने संजय गांधी ने मां इंदिरा को जड़ दिया था थप्‍पड़ - Jansatta
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भारत से निकाले गए पत्रकार का दावा- पार्टी में सबके सामने संजय गांधी ने मां इंदिरा को जड़ दिया था थप्‍पड़

भारत से निकाले जाने के बाद यह खबर लुईस ने तो लिखी ही थी साथ ही कई विदेशी अखबारों ने भी इसे खूब छापा था।

Author नई दिल्ली | November 19, 2017 3:27 PM
लुईस ने बताया कि इंमरजेंसी से पहले औऱ बाद में वे कई बार इंदिरा गांधी से मिले थे।

भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे संजय गांधी के रिश्तों को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहे हैं। देश में इमरजेंसी लागू होने से पहले भी मां-बेटे की बीच एक ऐसी घटना घटी थी जिसके सामने आने के बाद सभी भौंचक्के रह गए थे। इस घटना का खुलासा द वॉशिंगटन पोस्ट के पूर्व पत्रकार और पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार विजेता लुईस एम सिमंस ने अपने एक लेख में किया था। उस समय लुईस अमेरिका के इस अखबार के लिए दिल्ली में संवाददाता के रूप में काम कर रहे थे। लुईस ने अपने लेख में यह खुलासा किया था कि इमरजेंसी से ठीक कुछ दिन पहले एक प्राइवेट डिनर पार्टी के दौरान संजय गांधी ने अपनी मां इंदिरा गांधी को वहां मौजूद लोगों के सामने थप्पड़ जड़ दिया था।

बातों-बातों में निकली बेटे द्वारा मां को थप्पड़ मारने वाली बात

स्क्रॉल.इन को दिए इंटरव्यू में लुईस ने पूरी घटना का जिक्र किया है। लुईस ने बताया कि जिस समय संजय ने इंदिरा को थप्पड़ मारा उस वक्त डिनर पार्टी में उनके दो सूत्र भी मौजूद थे। इस बात का जिक्र करते हुए लुईस ने कहा कि उनके दोनों सूत्र अभी मौजूद हैं। लुईस के अनुसार यह बात उनके सूत्रों ने उनके घर पर उनकी बीवी की मौजूदगी में की थी, जहां पर संजय गांधी और इंदिरा गांधी के रिश्तों को लेकर बातचीत हो रही थी। लुईस ने इंटरव्यू में कहा मां-बेटे के रिश्तों को लेकर हो रही बातचीत के बीच ही उनके एक सूत्र ने डिनर पार्टी वाली घटना का जिक्र कर दिया था। वहीं मौजूद उनके दूसरे सूत्र ने भी इस घटना पुष्टि की थी।

पांच दिनों के अंदर दे दिया था देश छोड़ने का आदेश

लुईस ने इस खबर के मिलने के बाद इसे तुरंत नहीं लिखा बल्कि कुछ समय का इंतजार किया। उन्होंने इस खबर को बैंकॉक जाकर लिखा था क्योंकि उन्हें पांच दिनों के अंदर-अदंर देश छोड़कर जाने का आदेश दे दिया गया था। हालांकि इसकी वजह संजय गांधी द्वारा इंदिरा को थप्पड़ मारने वाली घटना नहीं थी बल्कि एक अन्य मामला था। लुईस को गिरफ्तार कर फ्लाइट से दूसरे देश भेज दिया गया जबकि उनकी पत्नी और बच्चे भारत में ही रहे। इसे लेकर लुईस ने कहा कि उनके देश से चले जाने के बाद उनकी पत्नी और बच्चों के साथ भारत में बहुत बुरा व्यवहार किया गया था।

नहीं हुई थप्पड़ वाली बात पूछने की हिम्मत

लुईस ने बताया कि इंमरजेंसी  से पहले औऱ बाद में वे कई बार इंदिरा गांधी से मिले थे। एक बार उन्होंने इंदिरा गांधी का इंटरव्यू भी लिया था लेकिन उस दौरान वे उनसे संजय द्वारा उन्हें थप्पड़ मारने वाली बात नहीं पूछ पाए क्योंकि लुईस के अनुसार उनके अंदर इतनी हिम्मत ही नहीं थी कि वे इस प्रकार का सवाल इंदिरा से पूछ पाते। भारत से निकाले जाने के बाद यह खबर लुईस ने तो लिखी ही थी साथ ही कई विदेशी अखबारों ने भी इसे खूब छापा था।

राजीव-सोनिया का रिएक्शन, जब पता चला कौन है थप्पड़ वाली खबर छपाने वाला पत्रकार

लुईस ने कहा कि एक पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात इंदिरा गांधी के दूसरे बेटे राजीव गांधी और बहू सोनिया गांधी से हुई थी। वहां कई लोग जानते थे कि संजय और इंदिरा के बीच थप्पड़ विवाद की घटना को मैंने अखबार में छापा था। पार्टी में सभी एक टेबल पर बैठे थे जहां पर राजीव और सोनिया भी थे। इसी बीच एक व्यक्ति ने मेरी तरफ इशारा किया और चिल्लाते हुए सबको  बता दिया कि इंदिरा को थप्पड़ मारने वाली बात अखबार में सबसे पहले मैंने ही छापी थी। इस बात को सुनने के बाद राजीव ने मेरी तरफ देखते हए सिर हिलाया और मुस्कुरा दिए। वहीं उनके पास बैठी सोनिया गांधी ने बहुत ही गुस्से में मुझे देखा था। लुईस ने कहा कि मुझे अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी इस खबर को लिखने का अफसोस नहीं हुआ है क्योंकि उन दिनों मां-बेटे के बीच का रिश्ता देश पर गहरा असर डाल रहा था।

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