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Delhi Assembly Polls 2020: शीला के नाम पर प्रचार, उनका परिवार दरकिनार

Delhi Assembly Polls 2020: विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले कई बार संदीप दीक्षित दिल्ली प्रदेश कार्यालय में दिखते रहे और प्रेसवार्ता में भी हिस्सा लेते दिखे।

Author नई दिल्ली | Updated: January 25, 2020 6:04 AM
सोशल मीडिया से लेकर अन्य सभी मंचों से कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, उम्मीदवार और कार्यकर्ता शीला दीक्षित के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए दिख रहे हैं।

Delhi Assembly Polls 2020: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की ओर से बनाए गए थीम गीत ‘कांग्रेस वाली दिल्ली’ में दिल्ली की भूतपूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के चेहरे को चार बार दिखाया गया है। करीब ढाई मिनट के वीडियों में एक जगह जिक्र है कि ‘एक दिल्ली वो थी, जिसको खुद शीला ने संवारा था’। सोशल मीडिया से लेकर अन्य सभी मंचों से कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, उम्मीदवार और कार्यकर्ता शीला दीक्षित के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए दिख रहे हैं। पर इस विधानसभा चुनाव में दिल्ली कांग्रेस में शीला दीक्षित के विरोधी गुट इस कदर हावी दिख रहे हैं कि उनके बेटे संदीप दीक्षित हों या परिवार का कोई अन्य सदस्य को, पार्टी ने दिल्ली के विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं दिया है। यही नहीं स्टार प्रचारक की सूची में पूर्व सांसद और शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित का नाम तक शामिल नहीं है।

विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले कई बार संदीप दीक्षित दिल्ली प्रदेश कार्यालय में दिखते रहे और प्रेसवार्ता में भी हिस्सा लेते दिखे। दिल्ली कांग्रेस ने बीती 27 दिसंबर को प्रेसवार्ता कर आम आदमी पार्टी की सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बिजली, विकास और कच्ची कॉलोनियों, महिला सुरक्षा समेत दस मुद्दों पर घेरा था। खास बात यह है कि इस दिन संदीप दीक्षित ने स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाए थे कि बीते पांच साल में स्वास्थ्य के बजट का 46 फीसद हिस्सा खर्च ही नहीं किया जा सका है। इस दिन दिल्ली कांग्रेस ने चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष कीर्ति आजाद के बाद दीक्षित को दूसरे नंबर पर बोलने का मौका दिया था, लेकिन जब उम्मीदवरों को उतारने की बात आई तो कांग्रेस ने शीला दीक्षित के बेटे समेत अन्य किसी परिवार के सदस्य को टिकट देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

हालांकि, मीडिया में यह जरूर कहा गया कि नई दिल्ली सीट से संदीप दीक्षित की बहन लतिका को कांगे्रस उम्मीदवार बनाएगी। पर टिकट का ऐलान होने पर कांग्रेस ने एक ऐसे चेहरे को टिकट दिया, जो सभी के लिए चौंकाने वाला था।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि संदीप दीक्षित लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उस वक्त शीला दीक्षित को पार्टी ने उत्तरी-पूर्वी दिल्ली से टिकट दिया। दिल्ली की लगतार 15 सालों तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित तो जीत नहीं पार्इं। कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। दीक्षित की मृत्यु के बाद एक पत्र सार्वजनिक हुआ था, जो कि संदीप दीक्षित ने लिखा था।

पत्र में दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए थे। माना जा रहा है कि उसके बाद से संदीप दीक्षित कांग्रेस में शीला के विरोधी गुट के निशाने पर आ गए। यही कारण है कि इस विधानसभा चुनाव में शीला के विरोधी गुट के अधिकतर लोगों को टिकट दिया गया। दिल्ली कांग्रेस भले ही शीला दीक्षित के चेहरे पर चुनाव लड़ रही हो। पर उनके बेटे या फिर परिवार के किसी सदस्य को दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं दिया गया।

निर्भय कुमार पांडेय

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