केरल की लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार की आलोचना करने पर निलंबित किए जाने के एक दिन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ बी.अशोक ने गुरुवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रचार में सरकारी पैसा खर्च किया गया।

डॉ बी.अशोक 1998 बैच के अधिकारी है और केरल कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति और सैनिक कल्याण विभाग में प्रधान सचिव हैं। हाल के हफ्तों में आईएएस अशोक का सीपीआई(एम) सरकार के साथ कई बार टकराव हो चुका है।

जो लोग सहयोग नहीं करते वे निलंबित होते हैं- आईएएस

आईएएस अशोक ने मीडिया के सामने कहा, “सिविल सर्विस में काम करने वाले लोग राजनीतिक दबाव पड़ता है तो सार्वजनिक धन का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में किया जाता है और जो लोग सहयोग नहीं करते उन्हें इस तरह का निलंबन कर निशाना बनाते हैं।”

उन्होंने कहा, “यह उस सरकार का निलंबन आदेश है, जिसे 9 अप्रैल को जनता सत्ता से उतार दिया था, इसे रद्द किया जाए, मुझे पूर्ण विश्वास है कि नई सरकार इस आदेश को आते ही रद्द करेगी। यह आदेश बस कागजों पर ही रह जाएगा। मैं केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में इस निलंबन को चुनौती नहीं दूंगा।”

निलंबन को उपलब्धि मानूंगा- आईएएस

आगे कहा, निलंबन में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि किस टिप्पणी या किस मीडिया से बातचीत को उल्लंघन माना गया है। उन्होंने कहा, “मैं इसे एक उपलब्धि मानूंगा और एक तमगे की तरह इसे सीने पर गर्व से लगाऊंगा। यह केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में अधिकारियों को कई बार मिली हार को छिपाने की कोशिश है।”

प्रधान मुख्य सचिव पर निशाना साधा

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रधान मुख्य सचिव डॉ. के.एम. अब्राहम को निशाना बनाते हुए अशोक ने कहा, केरल आईएएस पहले बेहद निष्पक्ष रूप से काम करता था, लेकिन अब मुझे कहते हुए अफसोस हो रहा है कि केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड के सीईओ (डॉ. के.एम. अब्राहम) के नेतृत्व में नौकरशाहों का एक गुट पिछले छह माह से एक्टिव है और जिसका मकसद मौजूदा सरकार को तीसरी बार सत्ता में लाना है।” डॉ. के.एम. अब्राहम पहले भी राज्य के मुख्य सचिव रह चुके हैं।

यह भी पढ़ें: ‘मां-भाई की हत्या कर गड्ढे में छिपा दी लाश फिर बांध दिया कुत्ता, कैसे रिक्शा चालक के शक ने खोले डबल मर्डर के राज?

केरल के इडुक्की जिले के एक छोटे से गांव पचड़ी में 54 वर्षीय रेजी पोन्नूट्टिल अपने 43 वर्षीय छोटे भाई साजी पोन्नूट्टिल और 71 वर्षीय बीमार मां मैरी के साथ रहते थे। 2018 में पिता मैथ्यू के लापता होने के बाद रेजी की परिवार के अधिकतर कामकाज और लेन-देन को संभालते आ रहे थे। पर इस महीने की शुरुआत में गांव के एक ऑटो-रिक्शा चालक ने अचानक बदलाव देखा। साजी ने वे सारे काम करने शुरू कर दिए जो आमतौर पर रेजी किया करता था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें