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जरूरतमंद तक टीके पहुंचाना बड़ी चुनौती, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बोले- विश्व स्वास्थ्य संगठन में निभानी होगी भूमिका

2020 विज्ञान का साल रहा है, जिसमें मानवता ने कोरोना के कारण उत्पन्न अंधकार से बाहर निकलकर दिखाया। हालात की मांग थी कि प्रमुख वैश्विक सहयोग बनाया जाए, ताकि वैज्ञानिक अपने अनुभव को साझा कर सकें।

CORONA VACCINATIONभारत बॉयोटेक का स्वदेशी टीका कोवैक्सीन।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि यदि 2020 कोविड टीका की खोज का साल था, 2021 विश्व भर में उन लोगों तक पहुंचने की चुनौती का साल होगा, जिनको टीके की बेहद जरूरत है। यह एक बड़ी भूमिका है जिसे हमें विश्व स्वास्थ्य संगठन में निभानी है।

विभिन्न पक्षों और युवाओं को प्रभावित करने वालों के साथ मिलकर काम करना अब बहुत महत्त्वपूर्ण है, ताकि सही सूचना का प्रसार किया जा सके और टीका कार्यक्रम को लेकर अफवाहों को निराधार बताया जा सके। महामारी को समाप्त करने के उद्देश्य से अन्य शीर्ष जनस्वास्थ्य उपायों को जारी रखा जा सके। हर्षवर्धन विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड के 148वें सत्र की डिजिटल माध्यम से अध्यक्षता कर रहे थे।

हर्षवर्धन ने कहा है कि इन सभी चुनौतियों जैसे कि वर्तमान महामारी के लिए साझा कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि इनके साथ साझा खतरे जुड़े हैं, जिनके लिए साझा जिम्मेदारी से काम करने की आवश्यकता है। निस्संदेह ये हमारी साझा जिम्मेदारी विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों के लिए शीर्ष दर्शन भी है। कोरोना को महामारी घोषित किए जाने के समय से हमने इस रोग के खिलाफ साहसपूर्ण संघर्ष किया है और संक्रमण को रोकने, बीमारी की रोकथाम और मौतों में कमी लाने के लिए हमने मिलकर प्रयास किए।

2020 विज्ञान का साल रहा है, जिसमें मानवता ने कोरोना के कारण उत्पन्न अंधकार से बाहर निकलकर दिखाया। हालात की मांग थी कि प्रमुख वैश्विक सहयोग बनाया जाए, ताकि वैज्ञानिक अपने अनुभव को साझा कर सकें। हमारे वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य समुदायों ने यह प्रदर्शित किया कि हम किसी भी गति का मुकाबला कर सकते हैं, निदान और स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता बरकरार रख सकते हैं, ऐसा विश्वास विकसित कर सकते हैं, जिससे गति के कारण गुणवत्ता में कोई कमी न आए।

सप्ताह भर की बैठक के बारे में उन्होंने कहा कि इस दौरान की गई चर्चा से आवश्यक नवाचार के लिए विज्ञान, एकजुटता, पारदर्शिता और जवाबदेहता में योगदान मिलेगा। इस बैठक में कार्यसूची पर सघन और समृद्ध चर्चा से उत्पन्न विशेष बिंदुओं को उजागर करना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित तैयारियों और जनस्वास्थ्य आपात कार्रवाई को बढ़ावा देने पर हुई चर्चा जनस्वास्थ्य आपात के मानसिक स्वास्थ्य पहलुओं के समाधान में लाभदायक सिद्ध होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन और सदस्य देशों द्वारा कोरोना पर की गई कार्रवाई के तहत कंटेनमेंट कार्य नीतियां बनाए जाने की इंडियन ओवरसाइट एंड एडवाइजरी कमिटी ने सराहना की है।

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