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गुजरात: अंबेडकर की मूर्ति हटाने पर भड़के दलित, तोड़फोड़ और आगजनी पर उतरे

आखिरकार दलितों के इस प्रदर्शन के आगे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को वहां झुकना पड़ा। कॉरपोरेशन ने फैसला किया कि मूर्तियां तत्काल प्रदर्शनकारियों को लौटा दी जाएंगी। वहां के म्युनिसिपल कमिश्नर बंछानिधी पाने ने कहा कि प्रतिमाएं दलितों को वापस कर दी जाएंगी।

भीम राव अंबेडकर की एक मूर्ति।

इधर गुजरात में आक्रोशित दलित समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया है। गुजरात के राजकोट में दलितों का गुस्सा फूंटा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राजनगर चौक के पास स्थित बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमाएं अचानक गायब हो गई। प्रतिमाओं के अपने स्थान पर नहीं होने की वजह से दलित समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए। आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने लगें। इस प्रदर्शन के दौरान यहां यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। लोगों ने सड़कों पर टायर जलाए और प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिये।

इस हंगामे की सूचना मिलते ही म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बतलाया कि यह मूर्तियां यहां बिना इजाजत के रखी गई थीं, इसीलिए इनको यहां से हटाया गया है। लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे रहे। प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरना प्रदर्शन करने लगे और यह मांग की कि जब तक अंबेडकर की मूर्तियां यहां नहीं लगाई जाती हैं तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस बीच प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने में पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस के सामने ही प्रदर्शनकारियों का उत्पात घंटों तक जारी रहा।

आखिरकार दलितों के इस प्रदर्शन के आगे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को वहां झुकना पड़ा। कॉरपोरेशन ने फैसला किया कि मूर्तियां तत्काल प्रदर्शनकारियों को लौटा दी जाएंगी। वहां के म्युनिसिपल कमिश्नर बंछानिधी पाने ने कहा कि प्रतिमाएं दलितों को वापस कर दी जाएंगी। लेकिन कुछ दिनों तक प्रतिमाएं वहां रखने के बाद प्रतिमा को रखने के लिए दूसरी जगह तय की जाएगी। उसके बाद नियमों के मुताबिक प्रतिमाएं तय जगह पर ही रखी जाएंगी। म्युनिसपल कमिश्नर ने कहा कि दोनों जगहों में से किसी एक जगह पर ही प्रतिमा लगाई जाएगी।

आपको बता दें कि कुछ ही दिन पहले गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में भी उस वक्त बवाल हो गया था जब 127वीं आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए सांसद किरीट सोलंकी और अन्य भाजपा नेता पहुंचे थे। वहां मौजूद दलित नेता जिग्नेश मेवाणी के समर्थक भाजपा नेताओं से भिड़ गए थे और उन्हें माल्यार्पण करने से भी रोक दिया था। इस हंगामे के बीच दलित कार्यकर्ताओं ने भाजपा के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की थी। बता दें कि हाल ही में एससी एसटी अत्याचार निवारण एक्ट में हुए बदलावों के विरोध में दलितों ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हिंसा हुई थी।

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