अखिलेश यादव की ‘वादाखिलाफी’ के विरोध में मदरसा शिक्षकों ने किया धरना-प्रदर्शन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 146 मदरसों को अनुदान सूची में शामिल करने की घोषणा पर अमल नहीं होने और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किए गए तमाम वादों को पूरा नहीं किये जाने के खिलाफ आज मदरसा शिक्षकों ने राजधानी में धरना-प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस-ए-अरबिया द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं […]

Author September 25, 2014 3:36 PM

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 146 मदरसों को अनुदान सूची में शामिल करने की घोषणा पर अमल नहीं होने और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किए गए तमाम वादों को पूरा नहीं किये जाने के खिलाफ आज मदरसा शिक्षकों ने राजधानी में धरना-प्रदर्शन किया।

ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस-ए-अरबिया द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार ने मदरसा शिक्षकों के प्रति ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ की नीति अपना ली है।

संगठन के महामंत्री वहीद उल्ला खां ने इस मौके पर कहा कि 146 मदरसों को अनुदान सूची में शामिल करने का ऐलान हुए दो साल गुजर चुके हैं लेकिन उस पर अब तक अमल नहीं हुआ। इसी तरह गत 28 जनवरी को लखनउच्च् में मदरसा शिक्षकों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री अखिलेश ने मदरसों में सेवा सुरक्षा नियमावली लागू करने की घोषणा की थी लेकिन यह महज कोरा वादा बनकर रह गयी।

खां ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कामिल तथा फाजिल स्तर के मदरसों को ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती अरबी फारसी उर्दू विश्वविद्यालय से सम्बद्धता दिलाने और मदरसों में मृतक आश्रित कोटे को लागू करने जैसी विभिन्न मांगों को एक महीने में पूरा कराने का वादा किया था लेकिन अब आठ महीने गुजरने के बावजूद कोई काम नहीं हुआ।

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में मदरसों की कोई भी समस्या हल नहीं हुई है और सरकार उन्हें कोरे आश्वासन देकर बहला रही है। अगर मदरसों की दुश्वारियों हल नहीं की गयीं तो इसके खिलाफ गांव, गली तक आंदोलन चलाया जाएगा।

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