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लक्षद्वीप में प्रशासक प्रफुल पटेल का विरोध, एक यात्रा में खर्च कर दिए 23 लाख रुपये

लक्षद्वीप प्रशासन प्रशासक प्रफुल पटेल द्वारा केंद्र शासित प्रदेश की प्रत्येक यात्रा के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहा है।

लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल पटेल। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

लक्षद्वीप प्रशासन प्रशासक प्रफुल पटेल द्वारा केंद्र शासित प्रदेश की प्रत्येक यात्रा के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहा है। पटेल ने सोमवार को अगत्ती की यात्रा करने के लिए एक तटरक्षक डोर्नियर विमान लिया। मालूम हो कि लक्षद्वीप के लोग प्रशासन द्वारा जारी किए गए ‘अनावश्यक आदेशों’ को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। लक्षद्वीप प्रशासन ने 21 फरवरी को एक तटरक्षक डोर्नियर विमान में पटेल और तीन अधिकारियों द्वारा की गई दमन से वापसी यात्रा के लिए किराए के रूप में 23,21,280 रुपये मंजूर किए थे।

के.आई. निजामुद्दीन, सदस्य ग्राम (द्वीप) पंचायत, कवरत्ती, ने बताया, “इसने लक्षद्वीप में व्यापक आक्रोश को जन्म दिया है, क्योंकि पटेल खर्च को कम करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए सैकड़ों अस्थायी श्रमिकों और अनुबंध पर काम करने वालों को हटाने के लिए कदम उठा रहे हैं। इसी कारण से खेतों को भी बंद किया जा रहा है। ” इस बीच, बहुदलीय सेव लक्षद्वीप फोरम (एसएलएफ), जो विवादास्पद मसौदे और प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के खिलाफ है, ने भाजपा को अपनी समिति से बाहर कर दिया है।

लक्षद्वीप बचाओ फोरम के सदस्य ने बताया, “लक्षद्वीप के भाजपा प्रभारी अब्दुल्लाकुट्टी की वॉयस क्लिप, जिसमें पार्टी के लोगों से एसएलएफ के साथ सहयोग न करने के लिए कहा गया है और फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना के खिलाफ मामले सहित कई मुद्दों पर बीजेपी के रुख को देखते हुए निर्णय लिया गया कि उन्हें फोरम का हिस्सा नहीं होना चाहिए। ”

गौरतलब है कि लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल इससे पहले द्वीप पर पहुंचे थे। लक्षद्वीप में उनके सुधार उपायों का विरोध करते हुए राजनीतिक दलों और संगठनों ने ‘काला दिवस’ का आह्वान किया। सूत्रों ने बताया कि दादरा-नागर हवेली और दमन-दीव के भी प्रशासक पटेल अपने सप्ताह भर के दौरे पर अगत्ती पहुंचे।

अगत्ती पहुंचने के तुरंत बाद पटेल ने प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। पटेल ने प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट किया, “आज लक्षद्वीप में अगत्ती पहुंचे और अधिकारियों के साथ मुलाकात की। विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया और समीक्षा की।”

इस बीच, पटेल के सुधारों का विरोध करने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के मंच ‘सेव लक्षद्वीप फोरम’ (एसएलएफ) के कार्यकर्ताओं ने अपने घरों के ऊपर काले रंग के झंडे फहराकर और काले मास्क पहन कर काला दिन मनाया।

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