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बीजेपी में ध्रुवीकरण को पहले नकारा, पर नूपुर शर्मा का बयान, श्मशान-कब्रिस्‍तान, धर्मसंसद याद दिलाया गया तो क्या बोले नकवी, पढ़िये

केंद्रीय मंत्री ने नूपुर शर्मा के विवादित बयान, धर्मसंसद और ऐसे कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि सियासत में ध्रुवीकरण जैसी कोई चीज नहीं है।

Mukhtar Abbas Naqvi
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

पैगंबर मोहम्मद को लेकर नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणी के बाद सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस बयान के बाद एक बार फिर देश की सियासत में ध्रुवीकरण को लेकर बहस तेज हो गई है। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नूपुर शर्मा के बयान से लेकर कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सियासत में ध्रुवीकरण जैसी कोई चीज नहीं है।

‘जी न्यूज सम्मेलन’ में ध्रुवीकरण को लेकर शुरू हुए सवाल-जवाब के सिलसिले के बीच, जनसत्ता डॉट कॉम के एडिटर विजय कुमार झा ने मुख्तार अब्बास नकवी से सवाल किया, “आप तो ध्रुवीकरण को नकार रहे हैं, इस तरह ये मुद्दा ही अप्रासंगिक हो गया कि ये कब खत्म होगा।” 13 जून, 2021 के उनके एक ट्वीट और अप्रैल 2022 में नमाज पर विवाद के दौरान उनके एक बयान का जिक्र करते हुए विजय कुमार झा ने पूछा, “हमने हाल ही में नूपुर शर्मा का बयान, ‘श्मशान-कब्रिस्तान’, ‘पाकिस्तान भेज देंगे’ और ‘हरिद्वार के धर्मसंसद’ में कही गई बातें भी सुनीं। आप जो कह रहे हैं, सोच रहे हैं और आपकी पार्टी में जो रहा है। तो आपको लगता है कि आप जो कह रहे हैं स्थिति उसी के अनुकूल है या फिर आपको लगता है कि ये आज का सच है और हमें इस सच के साथ चलना है।”

इसका जवाब देते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “ये आज का सच बिल्कुल नहीं है।” इस पर विजय कुमार झा ने पूछा, “आपने कहा कि ध्रुवीकरण बिल्कुल नहीं है। फिर आपने जो कहा और आपकी पार्टी के लोगों के विचारों में, उनके वक्तव्यों में जो विरोधाभास है, क्या वो ध्रुवीकरण को जस्टिफाई नहीं कर रहा है?”

मुख्तार अब्बास नकवी ने इस सवाल पर कहा, “जिन अलग-अलग घटनाओं का आपने जिक्र किया वो पार्टी की घटनाएं नहीं हैं। वह व्यक्तिगत लोगों की घटना हो सकती हैं। एक और महत्वपूर्ण बात कि दूसरी तरफ के जो लोग इस तरह की बातें करते हैं और महापुरुषों या फिर देवी-देवताओं के खिलाफ बोलते हैं आप लोग उनके बयानों को कम दिखाते हैं लेकिन किसी ने इस तरह की बात करी तो बहुत गंभीर से दिखाते भी हैं और लोगों की प्रतिक्रियाएं भी होती हैं। ये देश की हमारी सहिष्णुता की ताकत है। लेकिन सहिष्णुता एकतरफा नहीं होनी चाहिए।”

जब मुख्तार अब्बास नकवी से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी ने ध्रुवीकरण का ये तरीका निकाला है कि संकेतों में बात कुछ और करेंगे और शब्दों में बात कुछ और करेंगे। इस पर भाजपा नेता ने कहा, “जो सच्चर कमेटी बनाई गई, उसने कहा कि खासकर, हिंदुस्तान के मुसलमान का विकास नहीं हो रहा है, गरीबी है और शिक्षा में वह पीछे हो गया है, नौकरी में कम जेलों में ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। वहीं, मोदी सरकार के 8 साल इकबाल, ईमान और इंसाफ के आठ साल रहे हैं।”

इस पर विजय कुमार झा ने केंद्रीय मंत्री से पूछा, “आपने कहा कि पब्लिक प्रिविलेज्ड फील कर रही है तो क्या उस पब्लिक में मुस्लिम भी है, बौद्ध, सिख और ईसाई भी है?” इस पर मुख्तार अब्बास नकबी ने कहा, “पीएम मोदी का जो विकास का मसौदा है, वोट का सौदा नहीं है। अगर वोट का सौदा होता तो पीएम मोदी ने इन 8 सालों में 5.5 करोड़ से ज्यादा अल्पसंख्यक बच्चे-बच्चियों को स्कॉलरशिप नहीं दी होती।”

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