कांग्रेस दफ्तर से आयी प्रियंका की पहली तस्वीर, गणेश की पूजा कर ज्योतिरादित्य ने संभाला कार्यभार

महसचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी पहली बार दिल्ली स्थित मुख्यालय पहुंची। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी पूजा कर कार्यभार संभाला।

दिल्ली मुख्यालय में ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियंका गांधी। (Photo: TwitterJM_Scindia/ANI)

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार (6 फरवरी) को पार्टी मुख्यालय पहुंचकर पदभार संभाला। पार्टी महासचिव के तौर पर उनकी पहली तस्वीर कांग्रेस मुख्यालय से बाहर आयी है। उन्हें महासचिव-प्रभारी (पूर्वी उत्तर प्रदेश) नियुक्त किया गया है। वहीं, पार्टी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी बुधवार को कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाला। कार्यालय पहुंच उन्होंने भगवान गणेश की पूजा की और एक वीडियो टि्वटर पर शेयर करते हुए लिखा, “ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी कार्यालय नई दिल्ली में मंगलकर्ता गजानन गणेश जी की पूजा के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में पार्टी को और मजबूत करने के संकल्प के साथ कार्य प्रारंभ किया।”

प्रियंका बुधवार की शाम करीब साढ़े चार बजे 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचीं। उनके कांग्रेस मुख्यालय के पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए और ”प्रियंका गांधी जिंदाबाद” और प्रियंका नहीं ये आंधी, दूसरी इंदिरा गांधी” के नारे लगाने लगे। बता दें कि हाल ही में प्रियंका को महासचिव-प्रभारी (पूर्वी उत्तर प्रदेश) और सिंधिया को महासचिव -प्रभारी (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) नियुक्त किया गया था।

कांग्रेस कार्यालय पहुंचने से पहले प्रियंका गांधी अपने पति रॉबर्ट वाड्रा के साथ ईडी दफ्तर पहुंची थी। रॉबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ के बीच कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वह अपने पति के साथ खड़ी हैं। प्रियंका ने संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा, ”मैं अपने पति के साथ खड़ी हूं।” गौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप को लेकर ईडी वाड्रा से पूछताछ कर रही है। वाड्रा को अदालत ने पहले ही 16 फरवरी तक के लिए अग्रिम जमानत दे दी है।

बता दें कि सालों से जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए गांधी परिवार की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने औपचारिक रुप से राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी महासचिव नियुक्त किया। उन्हें उत्तर प्रदेश-पूर्व की जिम्मेदारी सौंपी जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी लोकसभा सीट और मुख्यमंत्री योगी की पूर्व गोरखपुर संसदीय सीट हैं। आम चुनाव से पहले राज्य में पूरी तरह कमर कसके उतरने की कांग्रेस की मंशा के बीच प्रियंका की नियुक्ति से राजनीतिक चर्चा शुरु हो गयी। 47 वर्षीय प्रियंका मुख्य हिंदीभाषी राज्य उत्तर प्रदेश में अपने भाई राहुल की मदद करेंगी जो 1980 के दशक के मध्य तक पार्टी का मजबूत गढ़ रहा था।

पार्टी कार्यकर्ताओं की अटकलें हैं कि गांधी परिवार की सक्रिय राजनीति की विरासत रहीं प्रियंका गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के निर्वाचन क्षेत्र राय बरेली से चुनाव लड़ सकती हैं। कांग्रेस में कई लोगों का कहना है कि उनके राजनीति में उतरने से राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं में बहुत ही जरुरी उत्साह का संचार होगा जहां पिछले कई सालों में कांग्रेस का प्रभाव घटता जा रहा था और समाजवादी पार्टी (सपा) एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा)ने गठजोड़ की घोषणा की है। कांग्रेस नेताओं का यह भी मानना है कि प्रियंका भीड़ खासकर युवाओं को कांग्रेस की ओर खींचने में मदद पहुंचाएगी और अगड़ी जातियां एवं अल्पसंख्यक वोट कांग्रेस के पाले में आएंगे जिससे बसपा-सपा गठबंधन भी कांग्रेस के साथ तालमेल कायम करने के लिए बाध्य होगा। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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