Assam Elections: असम में प्रियंका संभाल रही कांग्रेस की जिम्मेदारी, फिर भी नाराजगी के चलते पार्टी छोड़ रहे दिग्गज असम में चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव का आधिकारिक ऐलान कर दिया है लेकिन चुनाव से पहले पार्टी के दो बड़े दिग्गज नेताओं ने पार्टी से छोड़ सत्ता पक्ष बीजेपी से हाथ मिला लिया है। पहले भूपेन बोरह ने कांग्रेस छोड़ी और फिर जब टिकट बंटवारा हुआ तो लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भी कांग्रेस को झटका दे गए। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को लगे झटकों के चलते प्रियंका गांधी की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

कांग्रेस की इस हालत पर एक तरफ जहां कई लोग राज्य के कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई पर सवाल उठा रहे हैं, तो वहीं सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर प्रियंका गांधी को राज्य में मिली हुई अहम जिम्मेदारी के बावजूद पार्टी बिखर क्यों रही है? हालांकि, NDTV ने प्रियंका गांधी के एक करीबी के हवाले से कहा है कि प्रियंका गांधी की भूमिका केवल असम में स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष के तौर पर है। वो केवल उम्मीदवारों के चयन तक ही सीमित हैं।

प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस छोड़ बीजेपी के हुए

प्रद्युत बोरदोलोई को उनकी राजनीतिक परिपक्वता के चलते पूर्वोत्तर का शशि थरूर कहा जाता है। उन्होंने पहले लोकसभा से इस्तीफा दिया और फिर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए बीजेपी की सदस्यता ले ली। वे अब बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। खास बात यह है कि हिमंता बिस्वा सरमा के पाला बदलने के बाद से असम कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं, और बोरदोलोई इस कड़ी में अंतिम नेता हैं।

क्यों दिया प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफा?

पार्टी छोड़ने को लेकर प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा है कि उनका यह निर्णय पार्टी के भीतर धीरे-धीरे बढ़ते अलगाव और नियमित अपमान का परिणाम था, न कि चुनाव नामांकन से संबंधित था। फिर भी यह धारणा बनी हुई है कि बाद वाला ही मुख्य कारण है।

सूत्रों के मुताबिक, बोरदोलोई ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े विधायक को टिकट देने के फैसले के चलते इस्तीफा दे दिया था। हालांकि अभी तक उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

कौन है वो विधायक?

रिपोर्ट्स के अनुसार लाहौरीघाट के विधायक आसिफ मोहम्मद नज़र का कथित तौर पर इमदादुल इस्लाम से संबंध था, जिसके बारे में बोरदोलोई ने कहा कि वह अप्रैल 2025 में उन पर और पार्टी के अन्य नेताओं पर हुए जानलेवा हमले में शामिल था। इमदादुल इस्लाम के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था और जमानत पर रिहा होने के बाद विधायक ने उसका अभिनंदन किया था। बोरदोलोई ने बताया कि इस्लाम को कई मौकों पर गौरव गोगोई के साथ देखा गया था।

बोरदोलोई ने इसको लेकर कथित तौर पर पार्टी के शीर्ष नेताओं से बातचीत करने की भी कोशिश भी की थी, लेकिन कोई सकारात्मक संकेत न मिलने के चलते उन्होंने लोकसभा सीट और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

गौरव गोगोई ने बताया है दुर्भाग्यपूर्ण

बोरदोलोई के इस्तीफे को सांसद और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें सब कुछ दिया था। गौरव गोगोई ने कहा कि महज दो साल पहले कांग्रेस पार्टी ने उन्हें नागांव से लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया था। वे मौजूदा सांसद हैं; नागांव की जनता ने उन्हें वोट दिया था। इस मौजूदा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उनके परिवार के ही एक सदस्य को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया है। अगर हमारे मौजूदा नागांव लोकसभा सांसद हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री बने रहना चाहते हैं, तो यह उनका फैसला है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता छोड़ चुके हैं पार्टी

गौरतलब है कि चुनावी घोषणा से कुछ हफ्ते पहले राज्य कांग्रेस के एक और बड़े नेता यानी भूपेन बोरह ने भी पार्टी छोड़ी थी। 5 मार्च को कांग्रेस से भाजपा में तीन विधायकों का दल-बदल हुआ था। इसके अलावा असम कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष राणा गोस्वामी, असम युवा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अंकिता दास और संयुक्त महासचिव परबा दास कलिता का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए चुनाव से पहले सियासी तौर पर एक चुनौती माना जा रहा है।

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असम कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। (Image Source: Facebook/Pradyut Bordoloi)

असम में विधानसभा चुनाव से पहले नागांव लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफा दे दिया। मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को दिए अपने इस्तीफे में बोरदोलोई ने लिखा कि वह पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हैं। इसके एक दिन बाद सांसद प्रद्युत बोरदोलोई बुधवार दोपहर भाजपा में शामिल हो गए। पढ़िए पूरी खबर…