प्रियंका की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बताया गलत, बोले- कार से किसानों को कुचलने की घटना खौफनाक

प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज ने गैर-कानूनी बताया है। वहीं लखनऊ पुलिस ने 8 नवंबर तक सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगा दिया है।

Madan Lokur
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने लखीमपुर कांड पर कहा कि इस घटना की विस्तृत जांच होनी चाहिए। (फोटो-PTI)

यूपी के लखीमपुर में हुई हिंसा मामले में विपक्ष लगातार योगी सरकार पर हमले कर रहा है। इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज ने गैर-कानूनी बताया है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन लोकुर ने न्यूज चैनल एनडीटीवी से ये बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को गैर-कानूनी तरीके से रखा जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने बिना किसी आदेश के कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया।

उन्होंने कहा कि प्रियंका को गिरफ्तार करने के बाद एक विश्राम गृह में रखा गया। जब आप किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करते हैं तो उस व्यक्ति को या तो पुलिस हिरासत में या जेल में रखना पड़ता है। इसलिए उन्हें अवैध रूप से एक जगह पर रखा गया है।

इस बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है कि लखनऊ पुलिस ने 8 नवंबर तक सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगा दिया है। कोविड नियमों के पालन, आगामी त्योहारों, विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और किसानों के विरोध के मद्देनजर ये कदम उठाया गया है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने लखीमपुर कांड पर कहा कि इस घटना की विस्तृत जांच होनी चाहिए। कार से किसानों की कुचलने की घटना खौफनाक है।

बता दें कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कहा था कि उन्हें सोमवार को उत्तर प्रदेश के सीतापुर में अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया था, इस दौरान वह लखीमपुर जा रही थीं।

अजय मिश्रा के इस्तीफे तक प्रियंका जारी रखेंगी लड़ाई

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक ऑडियो जारी कर कहा है कि जनता और जीवों की रक्षा करना सबसे बड़ा धर्म है। आज पीएम मोदी लखनऊ तक आए लेकिन लखीमपुर नहीं आए। हम गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रखेंगे।

बता दें कि लखीमपुर हिंसा का मामला यूके, कनाडा तक पहुंच गया है। भारतीय मूल के सांसदों ने इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है।कनाडा और ब्रिटेन में भारतीय मूल के सांसदों ने 3 अक्टूबर को इस मामले में कड़ी आलोचना दर्ज कराई है।

बता दें कि कनाडा में बड़ी संख्या में पंजाब के लोग रहते हैं और भारतीय किसानों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए यहां कई आंदोलन हुए हैं।

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