दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। इस विरोध-प्रदर्शन का CJP चीफ अभिजीत दीपके नेतृत्व कर रहे हैं। इस विरोध-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए मंगलवार को समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज भी पहुंचीं। इस दौरान प्रिया सरोज ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।

सपा सांसद प्रिया सरोज ने जंतर-मंतर से कहा, “हम उन युवाओं के लिए खडे हैं, हम उन युवओं की बात कर रहे हैं। डरना नहीं, रुकना नहीं, संघर्ष करते रहना और संघर्ष करते हुए आप बहुत आगे पहुंच जाएंगे।”

प्रिया सरोज ने कहा, “आज हम आपके बीच में एक सांसद के रूप में नहीं खड़ी हूं, मैं युवाओं के रूप में खड़ी हूं। मैं सदन में भी आपकी आवाज उठाऊंगी।”

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि संघर्ष करते रहना है। हम लोगों को बांटने की कोशिश की जाएगी, लेकिन हमको अडिग रहना है क्योंकि हम सही हैं, हम गलत नहीं हैं।

मछलीशहर से सांसद ने कहा कि सांसद बनने से पहले मैं भी एक छात्र थी। मैं स्टूडेंट की पीड़ा और दर्द समझती हूं। आज मैं यहां युवा सांसद के रूप में यहां आई हूं। उन्होंने कहा कि सांसद तो मैं हूं, लेकिन हमारा काम केवल सांसद में बैठना नहीं है। बल्कि युवाओं के बीच में उनके मुद्दे उठाना, उनके साथ कदम से कदम मिलाने का भी काम है।

प्रिया सरोज ने कहा कि इसी के चलते आज हम और हमारी समाजवादी पार्टी के सभी लोग कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा कि अगर यह प्रोटेस्ट न होता तो मुझे लगता है कि आप लोग आज यहां मुझसे सवाल नहीं कर रहे होते। आज करोड़ों युवा हमारे साथ हैं और जो नहीं आ पा रहे, वह सोशल मीडिया के जरिए हमें सपोर्ट कर रहे हैं।

सपा सांसद ने कहा कि आज युवओं की बात है, नौजवानों और भविष्य की बात है। उन्होंने कहा कि आज हर कोई हमारे साथ है और जो हमारे साथ नहीं है, वह सत्ता में बैठे लोग हैं। प्रिया सरोज ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने से भले बदलाव न आए, लेकिन शुरुआत तो होगी और इसकी शुरुआत किसी को तो करनी पड़ेगी।

प्रिया सरोज ने पूछा कि क्या सरकार की तरफ से 25 दिनों से कोई आया यहां? कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि सवाल यह उठता है कि सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही है।

सरोज ने कहा कि कोई सरकार कमजोर तब होती है, जब वह सुनना बंद कर देती है। न कि तब जब वह गलतियों को अपनी मान ले। सपा सांसद ने कहा कि मैं तो यही कहूंगी कि सरकार अपनी गलतियों को मान ले, इससे वह कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत होंगे। उन्होंने पूरा युवा इस प्रोटेस्ट के साथ है और हम लोग 20 जुलाई को सबके साथ जाएंगे।

सपा सांसद ने कहा कि सवाल यह नहीं है कि इस प्रोटेस्ट में कौन पहले आ रहा है और कौन बाद में, मुद्दा यह है कि सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही है। 25 दिन से यहां क्यों नहीं आ रही है। सांसद ने कहा कि अगर सरकार जवाब देती तो आज यह अनशन नहीं हो रहा होता। उन्होंने कहा कि जवाबदेही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।

प्रिया सरोज ने कहा कि देश का एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह फ्लॉप है, बार-बार पेपर लीक हो रहा है। बार-बार भर्तियां रद्द हो जा रही हैं। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

साप सांसद से जब पूछा गया कि प्रोटेस्ट में आना आपका निजी फैसला है या पार्टी ने भेजा है? इस सवाल पर प्रिया सरोज ने कहा कि यह फैसला मेरा भी है और हमारी पार्टी का भी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा युवाओ को साथ लेकर चलती है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

वहीं, इससे पहले मंगलवार को सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक्स पर एक सोनम वांगचुक की एक पोस्ट साझा करते भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने लिखा, “विश्व विख्यात सोनम वांगचुक जी से फोन पर बात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना और उनसे अनशन तोड़ने की अपील की। उनके सत्याग्रह को हमारा खुला समर्थन है।

सपा चीफ ने कहा कि हमारा मानना है कि वो जनहित में इस आग्रह पर विचार करें। देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों, परिवार और परिजनों की आकांक्षा भी यही है क्योंकि उनके नैतिक बल की देश को बहुत आवश्यकता है अतः वो पूरी दुनिया से आ रहे निवेदनों को स्वीकार करते हुए अपना अनशन तोड़े दें, फिर कुछ दिनों का स्वास्थ्य लाभ लें और नई ऊर्जा का संचय करके पुनः नये आंदोलन में जुट जाएं। उनसे सविनय आग्रह है कि वो ‘नकारात्मक, भ्रष्ट, बेईमान, लोकतंत्र विरोधी सांप्रदायिक भाजपा’ के विरुध्द हो रहे आंदोलनों को पूरे देश में विस्तारित कर जन-एकजुटता की अखंड कड़ी बनें।

अखिलेश यादव ने कहा कि नीट की परीक्षा के घोटाले के बाद मंदिर में चोरी के महापाप का भंडाफोड़ भी एक गहरा दिव्य-संकेत है। डॉक्टर को धरती पर भगवान के रूप में ही देखा जाता है। हम सब तो मंदिर और मेडिकल दोनों के गहरे संबंध में विश्वास करते हैं। धर्म के मनोबल का और चिकित्सा का मनोवैज्ञानिक संबंध भी होता है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह संपूर्ण विश्व का मीडिया श्री सोनम वांगचुक जी के लिए चिंतित दिखाई दे रहा है, उसका एक दूसरा पक्ष ये भी है कि इससे भाजपा राज में दुनिया भर में हमारे देश की डेमोक्रेटिक इमेज बुरी तरह खंडित हो रही है। हम सोनम वांगचुक जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।

‘CJP के प्रदर्शन का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं’, सोनम वांगचुक की सभी दलों के नेताओं से क्या है अपील?

जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 16 दिन पूरे हो चुके हैं। यह भूख हड़ताल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। सोनम वांगचुक और CJP के प्रदर्शनकारी NEET-UG के सवाल लीक होने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर।