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चार महीने चली थी लक्षद्वीप में राजीव गांधी की छुट्टियों की तैयारी, 15 दिन बंद थी आम बुकिंग

इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार राजीव गांधी की छुट्टियों की तैयारी चार महीने पहले से ही तैयारी हो गई थी। आम लोगों के लिए बुकिंग को भी 15 दिन तक के लिए बंद कर दिया गया।

Author Updated: August 20, 2019 10:03 AM
इंडियन एक्सप्रेस ने राजीव गांधी की छुट्टियां मनाने को लेकर कई रिपोर्ट छापी थी। (फोटोः एक्सप्रेस आर्काइव्स)

20 अगस्त को पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उनको श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया है। हालांकि, इसके उलट चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने और बीजेपी ने राजीव पर जमकर हमले किए थे। राजीव से जुड़े कई विवादों को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा। इन्हीं विवादों में से एक है राजीव का लक्षद्वीप में छुट्टी मनाना।

मोदी ने आरोप लगाया था कि राजीव गांधी ने सपरिवार युद्धपोत आईएनएस विराट पर छुट्टियां बिताई थीं।’ वहीं, कांग्रेस ने राजीव की दौरे को ‘आधिकारिक यात्रा’ बताया था। इंडियन एक्सप्रेस में 28 दिसंबर 1987 की खबर के अनुसार पीएम राजीव गांधी की लक्षद्वीप में छुट्टियां मनाने के लिए द्वीप ‘बुक’ कर लिया गया था।

राजीव गांधी की छुट्टियों की तैयारी चार महीने तक चली थी। इतना ही नहीं आम लोगों के लिए द्वीप की बुकिंग को 15 दिन के लिए बंद कर दिया गया था। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार प्रधानमंत्री की छुट्टियों के लिए लक्षद्वीप से से मेनलैंड तक लोगों की आवाजाही को वर्चुअली सील कर दिया गया था।

कोई भी यदि द्वीप पर जाना चाहता है तो उसे प्रधानमंत्री की छुट्टियां खत्म होने का इंतजार करना होगा। 15 जनवरी तक टिकटों को जारी करना बंद कर दिया गया था।

इसके पीछे अधिकारियों कारण बताते थे कि वहां पर उपलब्ध सभी सीटें एडवांस में यात्रियों ने बुक कर ली हैं। उनमें से कुछ सीटें मंत्रियों और प्रधानमंत्री की यात्रा से जुड़े अधिकारियों ने बुक करा ली हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा की तैयारियां चार महीने पहले से ही शुरू हो गई थीं।

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इंडिया टुडे ने भी 31 जनवरी 1988 के अंक में पीएम की इस यात्रा से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट छापी थी। इस रिपोर्ट के अनुसार राजीव के दौरे के समय किसी बाहरी आदमी को पहुंचने देने से रोकने के हर संभव प्रयास किए गए थे। इसके बावजूद कुछ पत्रकार पहुंच गए थे।

इसमें बताया गया था कि मीडिया के लिए उस समय यह आकर्षण का केंद्र बन गया था जब 26 दिसंबर 1987 को नारंगी और सफेद रंग के हेलीकॉप्टर से राहुल गांधी और उनके चार दोस्त उतरे। इसके बाद दोस्तों का सिलसिला शुरू हो गया। सरकारी मशीनरी यहां से पत्रकारों को दूर रखने में पूरी तरह से जुट गई थी।

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6 जनवरी को जब यह पिकनिक खत्म हुआ तब वहां से प्रियंका व उनके साथी गोवा के लिए निकल गए। उनके बाद बुजुर्ग विदेशी लोग रवाना हुए। इसके बाद अमिताभ बच्चन और उनका परिवार भी निकला। उसी दिन दोपहर 1.20 बजे राजीव गांधी ने राहुल के साथ हेलीकॉप्टर से निकले।

आईएनएस विराट पर उतारा था राहुल कोः  रिपोर्ट के अनुसार अमीनो में 1988 में अपने कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पहले राजीव ने राहुल को आईएनएस विराट पर उतारा। रिपोर्ट में कहा गया कि इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल है कि इस पूरी यात्रा पर कितना खर्च आया। कई एजेंसियों ने अपनी-अपनी तरह से इस का खर्च वहन किया। जैसे खाने का खर्च पर्यटन और जल संबंधी खेलों के विकास संगठन ने की थी।

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