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अब पीएम नरेंद्र मोदी बोले- जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वेदों का सहारा लें

ये बातें उन्होंने रविवार (11 मार्च) को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन से जुड़े एक सम्मेलन के दौरान कही। पीएम ने कहा, "वेदों में सूर्य को दुनिया की आत्मा बताया गया है। सूरज को जीवन का पोषण करने करने वाला माना गया है। आज जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौती से निबटने के लिए हमें उसी प्राचीन आइडिया से रास्ता तलाशना होगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटोः पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वेदों का सहारा लिया जाना चाहिए। पीएम ने इसी के साथ सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करने की बात पर बल दिया। ये बातें उन्होंने रविवार (11 मार्च) को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन से जुड़े एक सम्मेलन के दौरान कही। पीएम ने कहा, “वेदों में सूर्य को दुनिया की आत्मा बताया गया है। सूरज को जीवन का पोषण करने करने वाला माना गया है। आज जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौती से निबटने के लिए हमें उसी प्राचीन आइडिया से रास्ता तलाशना होगा।” बकौल मोदी, “सौर ऊजा को बढ़ावा देने के लिए तकनीक, विकास, आर्थिक संसाधन, दामों में गिरावट और नई पद्धति सरीखी चीजों की जरूरत पड़ेगी।” आपको बता दें कि पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने रविवार को दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में इस मसले पर संस्थापक सम्मेलन में हिस्सा लिया।

सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के सेकरेट्री-जनरल एंटोनियो गटर्स, भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और बांग्लादेश राष्ट्रपति अब्दुल हमीद और 50 अन्य देशों से आए हुए मेहमान शामिल हुए थे।

पीएम ने आगे कहा, “हमें आगे की राह के बारे में सोचना होगा। मेरे दिमाग में 10 एक्शन प्वॉइंट्स हैं, जो मैं आपसे साझा करना चाहता हूं। सबसे पहले हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी के पास अच्छी और सस्ती सौर ऊर्जा उपलब्ध हो। हमें इसे बढ़ाना होगा।”

मोदी के अनुसार, “हमें अपनी नई खोज को बढ़ावा देना होगा, ताकि विभिन्न प्रकार की जरूरतों में सौर ऊर्जा काम आ सके। हमें सौर संबंधी प्रोजेक्टों के लिए रियायती वित्तपोषण मुहैया कराना होगा।”

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