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राज्यसभा के सभापति ने रिकॉर्ड से बाहर किया पीएम का बयान, कांग्रेस सांसद पर मारा था ताना!

उप सभापति के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश को कुल 125 वोट मिले थे जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी के हरिप्रसाद को कुल 105 मत मिले थे।

राज्यसभा के नए उप सभापति हरिवंश को बधाई देते पीएम नरेंद्र मोदी। (फोटो-ANI)

राज्यसभा के सभापति और उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने उप सभापति के चुनाव के बाद दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का एक हिस्सा संसदीय रिकॉर्डिंग से हटा दिया है। एक दिन पहले ही गुरुवार (09 अगस्त) को एनडीए उम्मीदवार हरिवंश राज्य सभा के उप सभापति चुने गए थे। हरिवंश को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी उम्मीदवार बी के हरिप्रसाद पर ताना मारा था और कहा था कि चुनाव में दोनों तरफ हरि थे। राजद सांसद मनोज झा ने शुक्रवार (10 अगस्त) को राज्य सभा के नियम 238 का हवाला देते हुए सभापति से अनुरोध किया था कि पीएम के इस बयान को जांच परख कर संसदीय रिकॉर्डिंग से हटा दिया जाय क्योंकि पीएम का वह टिप्पणी असंसदीय है। इसके बाद सभापति ने उसे रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया।

राजद सांसद ने कहा कि देश में किसी प्रधानमंत्री की किसी टिप्पणी को संसदीय रिकॉर्डिंग से हटाने का यह पहला मामला है। बता दें कि गुरुवार को हुए उप सभापति के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश को कुल 125 वोट मिले थे जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी के हरिप्रसाद को कुल 105 मत मिले थे। हरिवंश जेडीयू के सांसद हैं और पेशे से पत्रकार हैं। 25 साल तक वो प्रभात खबर के संपादक रहे हैं। इस चुनाव में जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आगे बढ़कर ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक और तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव से बात की थी और उनसे समर्थन मांगा था। एनडीए के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं था लेकिन पटनायक की बीजद और केसीआर के टीआरएस सांसदों के समर्थन की वजह से हरिवंश की जीत हो सकी।

उप सभापति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार की हार पर आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा था और कहा था कि राहुल गांधी नरेंद्र मोदी से गले मिल सकते हैं लेकिन अपने उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए फोन नहीं कर सकते। हरिवंश ने शुक्रवार को राज्यसभा का संचालन किया लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। आसन पर उन्हें पहले ही दिन भारी शोर-शराबा का सामना करना पड़ा। संसद का मानसून सत्र हंगामे के बीच खत्म हो गया। सरकार आखिरी दिन सदन में तीन तलाक बिल पास कराना चाहती थी पर ऐसा नहीं हो सका।

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