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28 अक्टूबर को जापान जाएंगे मोदी, ऐसा वेलकम पाने वाले होंगे पहले मेहमान

जापान के पीएम एबे प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को निजी रात्रिभोज के लिए यामानाशी में अपने निजी आवास पर लेकर जाएंगे। इसके बाद दोनों नेता ट्रेन से टोक्यो जाएंगे।

Author October 26, 2018 10:26 AM
दोनों देशों के बीच 13वीं शिखर बैठक होगी। (फोटो सोर्स : Indian Express)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 अक्टूबर को जापान की दो दिनों की यात्रा पर जा रहे हैं और इस दौरान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे उन्हें यामानाशी स्थित अपने होलीडे होम में निजी रात्रिभोज देंगे। यह संभवत: किसी विदेशी नेता के लिए आयोजित किया जा रहा इस तरह का पहला स्वागत भोज होगा। मोदी जापान के प्रधानमंत्री के साथ वार्षिक भारत-जापान शिखरवार्ता में भाग लेंगे। यात्रा में भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने, तीसरी दुनिया में संयुक्त बुनियादी संरचना परियोजनाएं संचालित करने और रक्षा तथा व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संबंध और मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।

विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं को बताया कि, यह दोनों देशों के बीच 13वीं शिखर बैठक होगी। यह पांचवीं ऐसी बैठक होगी जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि एबे प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को निजी रात्रिभोज के लिए यामानाशी में अपने निजी आवास पर लेकर जाएंगे। इसके बाद दोनों नेता ट्रेन से टोक्यो  जाएंगे। यामानाशी तोक्यो से करीब 110 किलोमीटर दूर है और माउंट फुजी समेत कई सुंदर पर्वतों से घिरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री एबे की ओर यह बहुत ही विशेष भावाभिव्यक्ति होगी। हमारा मानना है कि पहली बार कोई विदेशी नेता प्रधानमंत्री एबे के होलीडे होम में जाएंगे।’’ रविवार की दोपहर को एबे एक होटल में मोदी के लिए अनौपचारिक रूप से दोपहर का भोज आयोजित करेंगे।
गोखले ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं की शिखर बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा एक अहम मुद्दा होगा। हम समझते हैं कि कोरियाई प्रायद्वीप से जुड़े मुद्दों में जापान की रूचि को देखते हुए इस पर चर्चा होगी । हम निश्चित तौर पर आतंकवाद एवं सीमा के आरपार अपराध के विषय पर अपनी चिंता व्यक्त करेंगे जो हमारे लिये महत्वपूर्ण है । ’’ गोखले ने कहा कि भारत उम्मीद करता है कि प्रधानमंत्री मोदी के आयुष्मान भारत और जपान के ऐसे कार्यक्रम में एक प्रकार का संबंध है ।

आयुष्मान भारत को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना माना जाता है जबकि जापान में ऐसी ही एक योजना को एशिया स्वास्थ्य सेवा पहल के रूप में जाना जाता है । उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच चर्चा के दौरान चिकित्सा उपकरण, अस्पतालों एवं अन्य चीजों समेत उन क्षेत्रों में जापान से सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की जायेगी जिसमें जापान की मजबूत स्थिति है ।

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