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29 साल बाद अयोध्या में नरेंद्र मोदी, चॉपर से उतरते ही पहना मास्क, अगवानी करने पहुंचे CM योगी से दूर से ही जोड़ लिए हाथ

मोदी आखिरी बार 1992 में अयोध्या पहुंचे थे, बताया जाता है कि तब उन्होंने कसम खाई थी कि जब तक मंदिर नहीं बन जाता, तब तक वे जिले में वापस नहीं आएंगे।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र अयोध्या | Updated: August 5, 2020 12:02 PM
PM Narendra Modi, UP Cm Yogi Adityanathपीएम मोदी की अगवानी करने पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दूर से ही किया अभिवादन। (फोटो- एएनआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। पीएम के अयोध्या पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। हालांकि, पीएम ने सभी नेताओं से दूर से ही हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल भी रखा गया।

बता दें कि 2014 से ही भाजपा के घोषणापत्र में शामिल राम मंदिर निर्माण का वादा भाजपा की दो लोकसभा जीतों के पीछे एक अहम वजह माना जाता है। हालांकि, खुद मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद मंदिर मुद्दे का जिक्र नहीं किया, पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने इसे नई सुबह करार दिया था। अब मोदी अयोध्या पहुंचकर 29 साल पहले अडवाणी द्वारा मंदिर आंदोलन के तहत शुरू की गई रथयात्रा के लक्ष्य को पूरा करेंगे।

मोदी आखिरी बार भाजपा के एक साधारण कार्यकर्ता के तौर पर 1992 में अयोध्या पहुंचे थे। तब वे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के लिए मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में रखी गई तिरंगा यात्रा के तहत यहां आए थे। बताया जाता है कि यहां उन्होंने कसम खाई थी कि वे अयोध्या तभी लौटेंगे, जब राम मंदिर बनेगा। बता दें कि आज ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का भी एक साल पूरा हो रहा है।

पिछले साल जब पीएम मोदी लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने फैजाबाद-अंबेडकरनगर तक तो पहुंचे थे, लेकिन वे अयोध्या नहीं गए थे। इस बीच पीएम मोदी के अयोध्या दौरे का यूपी सरकार ने भी जोर-शोर से प्रचार किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कहा है कि मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो राम जन्मभूमि का दौरा कर रहे हैं। वे राम मंदिर के करीब ही बने हनुमान गढ़ी मंदिर जाने वाले भी पहले प्रधानमंत्री होंगे।

बता दें कि आज से करीब 30 साल पहले जब भाजपा नेता लालकृष्ण अडवाणी ने मंदिर आंदोलन के तहत रथयात्रा की शुरुआत की थी, तब मोदी गुजरात के सोमनाथ से महाराष्ट्र तक की उनकी यात्रा के समन्वयक रहे थे। इस रथयात्रा के बाद ही भाजपा का उदय एक ताकतवर राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर हुआ था। हालांकि, पीएम बनने के बाद से ही मोदी लगातार मंदिर के जिक्र से बचते रहे हैं।

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