प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में हो रहे G7 समिट के दौरान मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान दोनों राष्ट्र नेता द्विपक्षीय मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति आवास व्हाइट हाउस ने इसकी जानकारी दी है।
व्हाइट हाउस ने शनिवार को पुष्टि की कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप 17 जून को फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
मैक्रों ने दिया था पीएम मोदी को निमंत्रण
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर पीएम मोदी 16 और 17 जून को G7 समिट में शामिल होंगे। समिट के दौरान, उनके G7 नेताओं, सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ कई मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है, जिनमें ग्लोबल पार्टनरशिप, मजबूत आर्थिक विकास और एआई का सुरक्षित इस्तेमाल शामिल है।
15 माह बाद हो रही मुलाकात
दोनों राष्ट्राध्यक्षों की यह मुलाकात 16 माह के बाद हो रही है, इस दौरान दोनों नेताओं की आमने-सामने की बातचीत होगी। इससे पहले फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी की पिछली मुलाकात के बाद से भारत-अमेरिका संबंधों में कई मुद्दों को लेकर तनाव आया है। इनमें अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर भारी टैरिफ लगाना, डोनाल्ड ट्रंप का बार-बार यह दावा करना कि उन्होंने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान विवाद को सुलझाने में मदद की, जिसे नई दिल्ली ने लगातार नकारा है और रूस के साथ भारत का तेल व्यापार शामिल है।
दोनों देशों के संबंधों पर दबाव
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब ओमान तट के पास भारतीय नाविकों को ले जा रहे कई तेल टैंकरों पर अमेरिका के हाल ही के हमलों के कारण दोनों देशों के संबंधों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे ही एक हमले में पलाऊ के झंडे वाले टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।
भारत ने जताया विरोध
इन मौतों के बाद, भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया और अमेरिकी ‘चार्ज डी अफेयर्स’ (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने आम नागरिकों के जहाजों के खिलाफ घातल बल के इस्तेमाल पर अपनी गहरी चिंता जताई और इस बात पर जोर दिया है कि कमर्शियल जहाजों पर हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं।
मार्को रुबियो ने किया बचाव
खबरों के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इन अमेरिकी हमलों का बचाव किया है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान कहा कि वॉशिंगटन होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में अपनी नाकेबंदी के किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर को जवाब दिया है। उन्होंने एस. जयशंकर से कहा कि सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
