ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह ऑयल इंडस्ट्रीज जोन पर हमला किया है, इसमें तीन भारतीय घायल हो गए हैं। भारत ने ईरान के इस हमले की निंदा की है और इन हमलों को अस्वीकार्य बताया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान शांति वार्ता ठंडे बस्ते में पड़ा है। अप्रैल में अमेरिका के साथ सीजफायर होने के बाद यूएई पर ईरान की ओर से यह पहला हमला है।

विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “फुजैराह पर हुआ हमला, जिसमें तीन भारतीय घायल हुए हैं, भारत को अस्वीकार्य है। हम तुरंत इस शत्रुता को खत्म करने और सीजफायर लागू करने की मांग करते हैं। भारत बातचीत और कूटनीति के रास्ते इस समस्या को हल करने की मांग करता है जिससे पश्चिमी एशिया में शांति बनी रही है।”

होमुर्ज जलमार्ग में सुरक्षित आवाजाही की मांग

आगे कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक होमुर्ज जलमार्ग में जहाजों के सुरक्षित आवाजाही की भी मांग करते हैं। भारत इन मुद्दों के शांति समाधान के सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है।”

पीएम ने भी बताया अस्वीकार्य

इस हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर ट्वीट किया और लिखा, भारत यूएई पर किए गए हमले जिसमें तीन भारतीय घायल हुए हैं, की मैं कड़ी निंदा करता हूं। नागरिक और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।

आगे पोस्ट में लिखा, भारत यूएई के साथ खड़ा है। भारत इस समस्या को बातचीत एवं कूटनीति के जरिए समाधान के लिए अपने समर्थन को दोहराता है। होमुर्ज जलमार्ग से सुरक्षित और निर्बाध जहाजों का निकलना क्षेत्रीय, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा के लिए बेहद अहम है।

यूएई ने हमले को लेकर क्या कहा?

UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई 15 मिसाइलें और चार ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। पूर्वी अमीरात फुजैराह के अधिकारी ने कहा कि एक ड्रोन हमले में उनके ऑयल फैसिल्टी में आग लग गई, जिससे वहां काम करने वाले तीन भारतीय घायल हो गए हैं।

इसके अलावा, ब्रिटिश सेना ने यूएई के तट के पास दो मालवाहक जहाजों में आग लगने की सूचना दी।

ईरान ने हमले को लेकर दी अपनी प्रतिक्रिया

ईरान ने इस हमले को लेकर सीधे तौर पर न ही इनकार किया है और न ही इसकी पुष्टि की है। मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर कहा कि अमेरिका और यूएई दोनों को ही फिर से किसी दलदल में घसीटे जाने से सतर्क रहना चाहिए।

इस घटना को लेकर ईरान की सरकारी मीडिया ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि ईरान का यूएई के ऑयल फील्ड हमला करने का कोई प्लान नहीं था।

ऑयल फील्ड पर हुए हमले के बारे में अधिकारी ने कहा, “यह घटना अमेरिकी सेना की उस मनमानी का नतीजा थी, जिसके तहत वे एक अवैध रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसा लग रहा है कि अधिकारी का इशारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन कोशिशों की ओर था, जिनके जरिए वह होमुर्ज जलमार्ग को फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

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पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जलमार्ग पर ईरान और अमेरिका ने अलग-अलग नाकाबंदी कर रखी है। इस बीच ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि भारत से जुड़ा एलपीजी टैंकर वाला जहाज होर्मुज जलमार्ग से गुजरा है। मार्शल द्वीप समूह के झंडे वाले जहाज सर्वशक्ति में लगभग 45000 टन एलपीजी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें