केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट पेश की। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस रिपोर्ट में भारत के सुधार और स्थिर प्रगति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण समावेशी विकास के महत्व को दिखा रहा है, जिसमें किसानों, लघु एवं उद्यमों, युवा रोजगार और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। पीएम मोदी ने एक्स पर इसे लेकर एक पोस्ट भी किया।

‘भारत के सुधार गति की एक व्यापक तस्वीर’

उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में कहा, आज पेश किया गया आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भारत के सुधार गति की एक व्यापक तस्वीर को दिखा रहा है, जो दुनिया के चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी स्थिर प्रगति को दिखा रहा है। यह मजबूत व्यापक आर्थिक आधारभूत सिद्धांतों, निरंतर विकास गति और राष्ट्र निर्माण में नवाचार, उद्यमशीलता और बुनियादी ढांचे की बढ़ती भूमिका को दर्शा रही है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि सर्वेक्षण में विनिर्माण को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और विकसित भारत बनने की प्रगति को तेज करने के लिए रोडमैप तैयार कर दी है। पेश की गई जानकारियों नीति निर्माण में मार्गदर्शन का काम करेंगी और भारत के आर्थिक भविष्य को और मजबूत करेंगी।

व्यापक आर्थिक आधारभूत ढांचे अधिक मजबूत हुए

इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत के व्यापक आर्थिक आधारभूत ढांचे पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं और उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा, “सरकार ने वैश्विक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए भारत को उच्च विकास पथ पर अग्रसर किया है और अपनी संभावित जीडीपी वृद्धि दर को 7% तक बढ़ाया है।”

आगामी वित्तीय वर्ष में अर्थव्यवस्था 6.8 से 7.2 प्रतिशत रहेगी

जानकारी दे दें कि सर्वे में कहा गया कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 6.8 से 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो व्यापार जोखिमो और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ी है, जिससे लगातार चौथे वर्ष देश की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थिति और मजबूत हुई है।

इस सर्वे में देश की संभावित विकास दर का अनुमान भी तीन साल पहले के 6.5% के अनुमान से बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। आगे पढ़िए Economic Survey 2026: गरीबी में आई बड़ी गिरावट, निचले तबके की खर्च करने की क्षमता में जबरदस्त सुधार