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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेघालय को दी ट्रेन की सौग़ात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मेघालय के लिए पहली ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया जिसके साथ ही आजादी के छह दशक से अधिक समय बाद मेघालय देश के रेल नक्शे पर आ गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशनों के निजीकरण की वकालत की। प्रधानमंत्री ने मेघालय को जोड़ने वाली पहली ट्रेन […]
Author November 30, 2014 08:46 am
इस मौके पर मोदी ने रेलवे स्टेशन के निजीकरण की भी वकालत की (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मेघालय के लिए पहली ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया जिसके साथ ही आजादी के छह दशक से अधिक समय बाद मेघालय देश के रेल नक्शे पर आ गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशनों के निजीकरण की वकालत की। प्रधानमंत्री ने मेघालय को जोड़ने वाली पहली ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद कहा कि रेलवे सुविधाएं आज भी वैसी ही हैं जैसी सौ साल पहले थीं। रेलवे स्टेशनों का निजीकरण और आधुनिकीकरण करें।

मोदी ने कहा-मैं 10-12 जगहों पर ऐसा करूंगा। स्टेशनों को हवाई अड्डों से बेहतर होना चाहिए क्योंकि गरीब लोग सबसे ज्यादा ट्रेनों में ही सफर करते हैं। हम आसानी से नीचे ट्रेन चला सकते हैं और ऊपर व्यावसायिक संपत्तियां हो सकती हैं। ऐसे समय में जब रीयल एस्टेट बहुत महंगा है, रेलवे को निजी पक्षों को लग्जरी होटलों, रेस्तराओं और दूसरी सुविधाओं के निर्माण की मंजूरी देकर अपनी संपत्तियों का फायदा उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक बार इन जगहों पर यह काम पूरा हो जाए तो सरकार पूरे देश में स्टेशनों का आधुनिकीकरण करेगी।

मोदी ने शनिवार को मेंदीपथार-गुवाहाटी यात्री ट्रेन का शुभारंभ किया और मिजोरम में भैरबी-साईरंग लाइन को बड़ी लाइन में बदलने के लिए बुनियाद रखी। मोदी ने कहा कि भारतीय रेल में देश की आर्थिक गतिविधि का आधार बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा-हम केवल एक डिब्बा जोड़कर या एक

स्टेशन बेहतर बनाकर खुश नहीं होंगे। हम रेलवे का संपूर्ण विकास चाहते हैं। यह भारतीय अर्थव्यवस्था का इंजन बन सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में रेलवे परिवहन के आधुनिकीकरण के लिए पहले ही सौ फीसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी दे चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के चारों कोनों में चार रेल विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया है जहां रेल सेवा के सभी पहलुओं के बारे में पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे पर्यावरण अनुकूल जन परिवहन का एक माध्यम हो सकता है जो ग्लोबल वार्मिंग को रोकने की दिशा में भारत का एक योगदान होगा।

पूर्वोत्तर में परिवहन संपर्क के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर को विकसित करने के लिए बुनियादी ढांचा सबसे अहम कारक है। अगर हम भारत को विकसित करना चाहते हैं तो हमें पूर्वोत्तर का विकास करना होगा। दक्षिण कोरिया की अच्छी सड़कों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विशेषकर इस क्षेत्र में अपनी क्षमता का फायदा उठाने के लिए बेहतर संपर्क होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा-भारत का उच्च मध्यम वर्ग साल में एक या दो बार पर्यटन पर जाना चाहता है। वे अच्छी जगहों की तलाश करते रहते हैं। अगर संपर्क अच्छा होगा, तो वे पूर्वोत्तर आएंगे क्योंकि यह प्राकृतिक सौंदर्य एवं प्यारे लोगों से भरा है। एक बार बुनियादी ढांचा विकसित हो जाए तो बाकी सभी चीजें जनता कर लेगी। प्रधानमंत्री ने आप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित कर पूर्वोत्तर को डिजीटल रूप से जोड़ने की भी वकालत की ताकि सबसे दूरदराज के इलाके में रहने वाले लोग भी साइबर जगत की सुभी सुविधाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने कहा-हमें ‘पूर्व की ओर देखो नीति’ को आगे ले जाना होगा। हमारे पास ‘पूर्व की ओर देखो नीति’ है और अब हमारे पास ‘पूर्व के लिए काम करो नीति’ होगी। पूर्वोत्तर विकास का केंद्र होगा।

महंगाई में कमाई का नुस्खा

मैं 10-12 स्टेशनों पर ऐसा करूंगा। स्टेशनों को हवाई अड्डों से बेहतर होना चाहिए क्योंकि गरीब लोग सबसे ज्यादा ट्रेनों में ही सफर करते हैं। हम आसानी से नीचे ट्रेन चला सकते हैं और ऊपर व्यावसायिक संपत्तियां हो सकती हैं। ऐसे समय में जब रीयल एस्टेट बहुत महंगा है, रेलवे को निजी पक्षों को लग्जरी होटलों, रेस्तराओं और दूसरी सुविधाओं के निर्माण की मंजूरी देकर अपनी संपत्तियों का फायदा उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक बार इन जगहों पर यह काम पूरा हो जाए तो सरकार पूरे देश में स्टेशनों का आधुनिकीकरण करेगी।

रेल पर पलटी भाजपा

अखिल भारतीय रेल कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव शिव गोपाल मिश्र ने लखनऊ में कहा कि एफडीआइ को सरकार रेलवे के लिए जरूरी बता रही है। सवाल उठता है कि जब सरकार अवस्थापना सुविधाओं के विकास में निवेश कर सकती है तो रेलवे में क्यों नहीं। रेलवे घाटे में नहीं है। यदि किराया दरों का उचित निर्धारण किया जाए तो रेलवे को 1.56 लाख करोड़ की बचत हो सकती है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय भाजपा ने एफडीआइ का विरोध किया था मगर अब उसके उलट उसका समर्थन कर रही है।

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