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पांच नेताओं का जन्मदिन: पीएम ने किया फोन तो किसी को भेजा बधाई-पत्र, पर ममता बनर्जी को कुछ नहीं

5 जनवरी को ममता बनर्जी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, डीएमके नेता कनिमोझी, भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जन्मदिन होता है।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: January 7, 2021 7:55 AM
WEST Bengal assembly elections, Mamata Banerjee, Mamata Banerjee birthday, senior Congress leader Anand Sharma, DMK leader Kanimozhi, BJP veteran Murli Manohar Joshi, former UP chief minister Kalyan Singh,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। (file)

5 जनवरी कई राजनेताओं के लिए खास है। इस दिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत अन्य पार्टियों के कम से कम पांच वरिष्ठ नेताओं का जन्मदिन होता है। इन नेताओं में से कुछ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद फोन कर बधाई दी, वहीं कुछ को बधाई-पत्र भेजा। लेकिन पीएम ने ममता बनर्जी को ना तो फोन पर बधाई दी ना ही उनके लिए कोई पत्र भेजा।

5 जनवरी को ममता बनर्जी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, डीएमके नेता कनिमोझी, भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जन्मदिन होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल्याण सिंह को फोन पर बधाई दी और ट्वीट कर जोशी को बधाई दी। इसके अलावा पीएम ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा को एक पत्र भेजा। पीएम द्वारा पत्र भेजे जाने से शर्मा को सुखद आश्चर्य हुआ। लेकिन पीएम ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को बधाई नहीं दी।

5 जनवरी 1955 को कोलकाता में जन्मी ममता बनर्जी मंगलवार को 66 साल की हो गईं है। जन्मदिन के इस मौके पर उन्हें कई नेताओं ने बहुत सारे उपहार और ग्रीटिंग्स भेजे। आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल, डीएमके के एम के स्टालिन और NCP की सुप्रिया सुले से लेकर बीजेपी नेता और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने ममता को बधाइयां दी और उन्हें ग्रीटिंग्स भेजे।

बता दें साल 2011 से पश्चिम बंगाल पर राज कर रहीं ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहिला महिला मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने वाम दलों को सत्ता को उखाड़कर बंगाल पर जो राज कायम किया वो एक मिसाल है और अब आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी उनकी हुंकार विपक्षियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर की सबसे खास बात ये है कि ये सिर्फ 15 साल की कम उम्र में ही राजनीति में उतर आईं थीं। उन्होंने 15 साल की उम्र में जोगमाया देवी कॉलेज में छात्र परिषद यूनियन की स्थापना की जो कांग्रेस (आई) की स्टूडेंट विंग थी। इसने वाम दलों की ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन को हराया था और इस तरह पश्चिम बंगाल में एक नए सूर्य के उदय का आगाज होने का आभास उन्होंने दे दिया था।

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