नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से कहा कि वे शिकायतों का तेजी से समाधान करके साझेदार देशों से निवेश आकर्षित करें। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य जिला स्तर पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का आकलन तैयार करें जिससे जमीनी स्तर पर विकास संबंधी चुनौतियों से निपटा जा सके।

ऐसा पहली बार हुआ जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लिया।

बैठक में ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। पश्चिम एशिया में जारी संकट के मद्देनजर ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच सस्ती ऊर्जा का मुद्दा सामने आया है।

महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने राज्यों से कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत महिलाओं की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने के लिए काम किया जाए। इसके साथ ही महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री ने राज्यों से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने बताया कि ऊर्जा की कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाने और ऊर्जा उपलब्ध कराने पर काफी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि घरों, स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी इमारतों की छतों पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी बात हुई।

पीएम मोदी ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को उभरता हुआ क्षेत्र बताया और कहा कि राज्यों को इसमें मौजूद अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां बनानी चाहिए।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी ने प्रधानमंत्री के सामने हैदराबाद मेट्रो रेल के विस्तार सहित कई मांगें रखी। इसी तरह जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अपने राज्य से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। इनमें राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने सहित कई मांगें शामिल हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने राज्य में एक स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए मदद मांगी।

बैठक में हाल ही में अपने-अपने राज्यों में मुख्यमंत्री बने तमिलनाडु के सी. जोसेफ विजय, पश्चिम बंगाल के शुभेंदु अधिकारी, कर्नाटक के डी.के. शिवकुमार और केरल के वी.डी. सतीशन भी शामिल हुए।

क्या सच में मोदी ने जवाहरलाल नेहरू का कोई रिकॉर्ड तोड़ा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में रहते हुए 12 साल पूरे हो चुके हैं। दावा किया जा रहा है कि वह भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं और उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।