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‘लोग प्रधानमंत्री को देखने जाते थे लेकिन उन्हें उनमें लालू दिखा’

बेगूसराय से सांसद भोला सिंह का। उन्‍होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री पर सीधे हमला बोलते हुए कहा, 'नरेंद्र मोदी को जंतर-मंतर से क्या लेना-देना है? उन्हें लालू प्रसाद के बयानों का जवाब देने की क्या जरूरत थी? लालू ने अपनी गुगली में उन्हें फंसा लिया।'

Author पटना | Updated: November 10, 2015 9:23 PM
bhola singh, smart city project, PM narendra modi, BJP, lok sabha, BJP MP bhola singh, parliament news, lok sabha news, smart city newsपीएम नरेंद्र मोदी के साथ सांसद भोला सिंह। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बिहार चुनाव में हार को लेकर पार्टी सांसद भोला सिंह के निशाने पर आ गए हैं जिन्होंने उन पर प्रचार अभियान के दौरान सांप्रदायिकता घोलने का आरोप लगाया और कहा कि अभियान राज्य के विकास पर केंद्रित होना चाहिए था। मोदी की उनकी अशोभनीय भाषा को लेकर निंदा करते हुए वयोवृद्ध नेता ने कहा कि वह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के जाल में फंस गए और उनके मानक तक गिर गए जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मर्यादित रहे एवं उन्होंने विभिन्न समुदायों का वोट अपनी ओर खींचा।

बेगुसराय के सांसद ने कहा, ‘लोग प्रधानमंत्री को देखने जाते थे लेकिन उन्हें उनमें लालू नजर आया।’ बिहार चुनाव में भाजपा की हार के बाद मोदी पर किसी पार्टी सांसद का यह पहला सीधा प्रहार है। जब उनसे पूछा गया कि क्या मोदी एवं शाह ने मुसलमानों के लिए आरक्षण और पाकिस्तान जैसे मुद्दों को उठाकर प्रचार अभियान को सांप्रदायिक रूप दे दिया, उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर, अन्यथा किस कारण से आप गाय या पाकिस्तान के मुद्दे को उठायेंगे। अभियान बिहार के पिछड़ेपन और उसके विकास को लेकर होना चाहिए था लेकिन हम अपने रास्ते से भटक गए और खाई में गिर गए।’’

उन्होंने कहा कि मोदी अभियान के दौरान अपनी मर्यादा खो बैठे जबकि कुमार मर्यादित रहे और ‘रणक्षेत्र में पशु नहीं बने।’ भोला सिंह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री लालू की गुगली पर गच्चा खा गए तथा ‘सबका साथ सबका विकास’ मार्ग से हट गए। उन्होंने लालू की भाषा बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने रणभूमि में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जबकि नीतीश कुमार अपनी शालीनता नहीं भूले।’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री देश के दर्पण होते हैं। उन्हें राष्ट्र का विश्वास प्राप्त होता है। जब लोग मोदी के पास उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखने गए तब उन्होंने उनमें लालू पाया। अतएव वे नीतीश के पास चले गए जो मर्यादित थे।’’

गिरिराज सिंह को मंत्री बनाने को लेकर मोदी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा व्यक्ति, जिसने कहा कि जो भाजपा को वोट नहीं देता है, उसे पाकिस्तान चला जाना चाहिए, को मंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए था। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को भी उनके आरक्षण संबंधी बयान को लेकर निशाना बनाया और कहा कि यदि वह संघ को एक सांस्कृतिक संगठन कहते हैं तो उन्हें अहम चुनाव के दौरान राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए था।

वैसे तो हुकुमदेव नारायण यादव, शत्रुघ्न सिन्हा और आर के सिंह समेत बिहार से कई भाजपा सांसदों ने पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान के विभिन्न पहलुओं पर अपनी आपत्ति प्रकट की है लेकिन यह पहली बार है कि किसी सांसद ने सीधे मोदी एवं शाह पर हमला बोला है।

भोला सिंह ने कहा कि भाजपा ने बिहार में वही तकनीक अपनायी जो उसने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनायी, उनका इशारा स्थानीय नेताओं की अनदेखी किए जाने की ओर था। उन्होंने भाजपा के सहयोगियों पर भी टिकट बेचने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने उच्च जाति के उम्मीदवारों को वरीयता दी और जमीनी हकीकत से आंखें फेर ली।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे स्थापित नेता और व्यापक जनसमर्थन वाले लालू प्रसाद जैसे नेता के खिलाफ भाजपा कोई विकल्प नहीं पेश कर पायी और लड़ाई प्रधानमंत्री बनाम मुख्यमंत्री हो गयी। राजग हार गया क्योंकि बिहार के लोग हमारे प्रचार अभियान से खुद को जोड़ नहीं पाए।

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