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‘दिखास’ और ‘छपास’ से रहें दूर- सिविल सेवा प्रोबेश्नर्स से बोले PM, लोग बोले- सबसे अधिक तो आप ही टीवी, अखबार में दिखते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय सिविल सेवा के 428 प्रशिक्षुओं से ‘‘आरंभ 2020’’ कार्यक्रम के तहत संवाद कर रहे थे।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: October 31, 2020 2:43 PM
PM Narendra Modi, Civil Servicesप्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को सिविल सेवा के प्रशिक्षुओं से आरंभ-2020 कार्यक्रम के तहत संवाद किया। (फोटो- ट्विटर/BJP)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सिविल सेवा परीक्षा क्वालिफाई करने के बाद प्रोबेशन में काम कर रहे अफसरों को संबोधित किया। यहां पीएम ने कहा कि देश जिस जगह खड़ा है, नौकरशाहों का किरदार न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन का होना चाहिए। पीएम ने प्रशिक्षु अफसरों को सलाह देते हुए कहा, “‘दिखास’ और ‘छपास’ ये दो रोगों से दूर रहिएगा। दिखास और छपास यानी, टीवी पर दिखना और अखबार पर छपना। ये दोनों रोग जिसे लगे, वो अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर सकता।”

पीएम के इस बयान पर सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। कई यूजर्स ने पीएम का मजाक बनाया। नो मैटर वॉट नाम के एक ट्विटर हैंडल ने कहा, “देश में सबसे ज्यादा टीवी और अख़बार में आप ही नजर आतें हैं!!!जनता पहले से ये जानती थी परन्तु फिर भी धन्यवाद आपको।” राजीव सिंह नाम के एक और यूजर ने कहा, “My Goodness…देखिये तो कौन बोल रहे ये..मोदी जी देश के पहले ऐसे PM है जो अख़बार और टीवी में छाए रहने के लिए लगभग हर रोज बिना मतलब भी उलूल जुलूल भाषण किसी न किसी प्लेटफॉर्म पर देते रहते है.. इतना कम काम करनेवाला PM शयद ही कोई दूसरा होगा..SETTING A VERY WRONG EXAMPLE TO THE NATION”

लोग यहीं नहीं रुके। यूजर @skprabhakar242 ने लिखा, “जी सर, इन दोनों पर तो आपका एकाधिकार है। दूसरों को तो दूर रहना ही पड़ेगा। दूसरों को लक्ष्य मिले न मिले, आपको तो मिल ही गया।” वहीं एक हैंडल @Shivrajmahratta ने पीएम मोदी के अखबार में ऐड वाली तस्वीर शेयर कर लिखा, “दिखास और छपास रोगी।”

आरंभ-2020 कार्यक्रम के तहत सिविल सेवा के प्रशिक्षुओं से बात कर रहे थे पीएम: बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मंसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के भारतीय सिविल सेवा के 428 प्रशिक्षुओं से ‘‘आरंभ 2020’’ कार्यक्रम के तहत संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी जो भी फैसला लें, वह देशहित में होना चाहिए और उससे देश की एकता और संप्रभुता मजबूत होनी चाहिए।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘किसी सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि वह देश के सामान्य जन से निरंतर जुड़े रहे। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे तो लोकतंत्र में काम करना आसान हो जाएगा। समाज से कटिए मत, उससे जुड़िए। वह आपकी शक्ति का सहरा बनेगा।’’ मोदी ने आगे कहा, ‘‘सरकार शीर्ष से नहीं चलती है। नीतियां जिस जनता के लिए हैं, उनका समावेश बहुत जरूरी है। जनता केवल सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की रिसीवर नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है।’’

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