किसान आंदोलन के 14 महीने बाद केंद्र सरकार ने वापस लिया कानून, पीएम ने खुद की घोषणा

गुरु परब के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। तीनों कानूनों को संसद के शीतकालीन सत्र में वापस लिया जाएगा।

agri laws repealed
राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने कानून वापसी की घोषणा की। (Photo Source – PMIndia.gov.in)

अंतत: केंद्र सरकार ने कृषि सुधार के लिए बनाए गए तीनों कानूनों को वापस लेने का फैसला कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुपरब के अवसर पर दिए गए अपने संबोधन ने इसकी घोषणा की। इसी के साथ 14 महीनों से चला आ रहा किसान आंदोलन समाप्त होने की राह साफ हो गई है। आंदोलनरत किसानों की भी यही मांग थी। अब दिल्ली की सीमा पर एक साल से ज्यादा समय से जमे किसानों के तंबू भी अब शायद जल्दी ही हटा लिए जाएंगे।

आइए जानते हैं कि यह आंदोलन कैसे और कब शुरू हुआ था और तारीख दर तारीख इसमें क्या क्या हुआ।

5 जून 2020: भारत सरकार ने तीन कृषि विधेयकों को संसद के पटल पर रखा था।
14 सितंबर 2020: संसद में अध्यादेश पेश किया गया।
17 सितंबर 2020: अध्यादेश को लोकसभा से मंजूरी मिली।
20 सितंबर 2020: राज्यसभा में भी यह ध्वनिमत से पारित हो गया।
24 सितंबर 2020: पंजाब के किसानों ने तीन दिन के लिए रेल रोको आंदोलन किया।
25 सितंबर 2020: देशभर के किसानों ने अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले प्रदर्शन शुरू किया।
27 सितंबर 2020: कृषि कानूनों को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली और इसे गजट में प्रकाशित किया गया।
25 नवंबर 2020: राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया गया। पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली चलो का नारा दिया।
26 नवंबर 2020: दिल्ली आ रहे किसानों को अंबाला में रोकने का प्रयास किया गया। बात नहीं बनी और दिल्ली पुलिस ने संगठनों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी।
28 नवंबर 2020: गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली की सीमाओं को खाली करने के बदले किसानों को बातचीत का निमंत्रण दिया।
29 नवंबर 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इन कानूनों और अपनी सरकार को कृषि व किसान हितैषी बताया।

3 दिसंबर 2020: पहली बार सरकार और किसानों के बीच बैठक हुई, पर बेनतीजा रही।
5 दिसंबर 2020: दूसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही।
8 दिसंबर 2020: किसानों ने भारत बंद का आयोजन किया।
11 दिसंबर 2020: भारतीय किसान यूनियन ने सुप्रीम कोर्ट में तीनों कृषि कानूनों को चुनौती दी।
13 दिसंबर 2020: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किसान आंदोलन के पीछे टुकड़े टुकड़े गैंग की साजिश होने की बात कही।

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21 दिसंबर 2020: किसानों ने एक दिन की भूख हड़ताल की।
30 दिसंबर 2020: छह बार की बैठक के बाद सरकार ने तय किया कि पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
4 जनवरी 2021: सातवें दौर की बातचीत बेनतीजा रही।
7 जनवरी 2021: कृषि कानूनों के विरोध में दायर याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
11 जनवरी 2021: किसान आंदोलन की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जो मामले को सुलझाए।
12 जनवरी 2021: अदालत ने तीनों कानूनों पर रोक लगाई।
26 जनवरी 2021: गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर रैली आयोजित की गई। रैली ने दोपहर तक विकृत रूप ले लिया था।
28 जनवरी 2021: प्रशासन द्वारा दिल्ली की गाजीपुर बॉर्डर को खाली करने के लिए कहा गया। लेकिन भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
4 फरवरी 2021: केंद्र सरकार ने आंदोलन उकसाने वाले कुछ सेलिब्रिटी के व्यवहार को गैर जिम्मेदाराना कहा। इसमें इंटरनेशनल पॉप गायिका रिहाना, पर्यावरण के लिए काम करने वाली ग्रेट थनबर्ग और वकील मीना हैरिस का नाम भी शामिल था।
5 फरवरी 2021: टूलकिट मामले का खुलासा होने पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ आपराधिक साजिश और देशद्रोह का मामला दर्ज किया।
6 फरवरी 2021: आंदोलनरत किसानों ने देशभर में चक्काजाम किया।
9 फरवरी 2021: गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित ट्रैक्टर रैली में हिंसा बढ़ाने के आरोप में पंजाबी अभिनेता दीप सिंधु को गिरफ्तार किया गया।

14 फरवरी 2021: दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि को टूलकिट मामले में गिरफ्तार किया।
18 फरवरी 2021: संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रव्यापी रेल रोको आंदोलन किया।
23 फरवरी 2021: दिल्ली के सत्र न्यायालय द्वारा दिशा रवि को जमानत दी गई।
02 मार्च 2021: चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर रहे शिरोमणि अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल को पुलिस ने हिरासत में लिया।
06 मार्च 2021: दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के 100 दिन पूरे हुए।
जुलाई 2021: लगभग 200 आंदोलनकारी किसानों ने किसान संसद का आयोजन कर मानसून सत्र की बैठक की।
28 अगस्त 2021: करनाल में किसानों के प्रदर्शन को पुलिस ने रोक और खदेड़ा। किसानों पर हुए तथाकथित लाठीचार्ज के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन किया और आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा के निलंबन की मांग की।
15 सितंबर 2021: दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में लाल किला में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को सुनियोजित साजिश बताया गया।
03 अक्टूबर 2021: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी गई। इस मामले में एक केंद्रीय मंत्री के बेटे को गिरफ्तार कर कानूनी हिरासत में भेजा गया है।

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