Prime Minister Modi says about his routine and leave- - Jansatta
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जगने के बाद और सोने से ठीक पहले क्‍या करते हैं नरेंद्र मोदी? पीएम ने बताया अपना रूटीन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफलता उनकी अनुशासित दिनचर्चा में छिपी है। सोने से पहले और जागने के बाद क्या करते हैं मोदी, पढ़िए पूरी खबर।

Author नई दिल्ली | February 8, 2018 5:31 PM
योगा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी( फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफलता में उनकी अनुशासित दिनचर्या की अहम भूमिका है। चार से छह घंटे की नींद लेने वाले मोदी हार्डवर्क में यकीन रखते हैं। सप्ताह के अंत में  शनिवार( 10 फरवरी) से संयुक्त अरब अमीरात के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होने से पहले ‘गल्फ न्यूज एक्सप्रेस’ को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी दिनचर्या के बारे में चर्चा की, उन्होंने बताया कि वे हर रोज जगने के बाद और सोने से ठीक पहले क्या करते हैं? सात फरवरी को प्रकाशित इस इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने अपने पसंदीदा नेताओं के बारे में भी बताया है। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा का मकसद बताते हुए कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश के मुद्दे पर खाड़ी देशों के नेताओं के साथ चर्चा होनी है। भारत के लिहाज से यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है।

इंटरव्यू के दौरान दिनचर्चा के बारे में बताते हुए मोदी ने चार से छह घंटे की नींद लेने की बात कही। बोले कि बिस्तर पर जाते ही मैं सो जाता हूं। हर रोज गहरी नींद लेते हैं। सोते समय किसी चीज की टेंशन नहीं लेते। सुबह उठने पर ताजगी के साथ नए दिन का स्वागत करते हैं। दिन की शुरुआत योग से करते हैं। मोदी बोले कि योग के बाद वे सुबह-सुबह नरेंद्र मोदी एप पर नागरिकों की टिप्पणियां और प्रतिक्रियाओं को देखते हैं। इससे देशभर के लोगों के साथ जुड़ने में मदद मिलती है। मोदी ने कहा कि बिस्तर पर जाने से पहले अपने पास आए सभी दस्तावेज को देखते हैं। फिर अगले दिन की बैठकों की तैयारी की प्लानिंग करते हैं।

मोदी ने खुद को खाने का बहुत शौकीन तो नहीं बताया लेकिन कहा कि  वे सिर्फ साधारण शाकाहारी भोजन ही करते हैं। किन व्यक्तियों से प्रभावित हैं, इस सवाल पर नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, भगत सिंह, डॉ. भीमराव अंबेडकर और बेंजामिन फ्रैंकलिन का नाम लिया। छुट्टी के सवाल पर मोदी बोले कि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री पद पर रहते उन्होंने कोई छुट्टी नहीं ली। बोले कि 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले वे भारत के प्रत्येक जिले का भ्रमण कर चुके थे। बकौल मौदी,’इससे मुझे भारत की सांस्कृतिक विविधता को जानने का मौका मिला। वहीं जनता के सुख-दुख और उनकी आकांक्षाओं के बारे में भी जानने का मौका मिला।’

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