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कोयला घोटाले में फंसे पूर्व सीबीआई चीफ रंजीत सिन्‍हा, सुप्रीम कोर्ट ने दिए जांच के निर्देश

पिछले साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त किए गए पैनल ने भी सिन्‍हा को दोषी पाया था।

Coal Scam, Ranjit Sinha, Closure Report, Special court, Supreme Courtपूर्व सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह कोयला ब्‍लॉक आवंटन घोटाला मामले की जांच प्रभावित करने के आरोप में अपने पूर्व निदेशक की जांच करने को कहा है। जस्टिस मदन बी लोकुर की अगुवाई वाली बेंच ने नए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा से सिन्‍हा की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाने को कहा है। सोमवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा, ”प्रथमदृष्‍टया उनके (सिन्‍हा) खिलाफ कोयला घोटाले में कुछ आरोपियों के साथ सांठ-गांठ करने का मामला बनता है।” पिछले साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त किए गए पैनल ने भी सिन्‍हा को दोषी पाया था। पैनल की जांच में पाया कि आरोपी ने सिन्‍हा से मुलाकात की थी। यह भी पता चला कि सिन्‍हा ने कोयला घोटाले की जांच से भी छेड़छाड़ की थी। पैनल ने पाया कि आरोपी से सिन्‍हा की मुलाकात का के फैसलों पर असर पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में सीबीआई के पूर्व विशेष डायरेक्‍टर एमएल शर्मा के नेतृत्‍व में एक टीम बनाई थी। इस टीम को सिन्‍हा के आधिकारिक निवास से मिली विजिटर्स बुक की सत्‍यता की जांच करनी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सीबीआई प्रमुख रहते हुए सिन्‍हा ने कोयला घोटाले के आरोपियों से मुलाकातें की थी।

पुलिस कोयला खदानों की अंडर-प्राइस सेल के लिए सरकारी अधिकारियों और निजी कंप‍नियों के घालमेल की जांच करती रही है। 2012 में सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस प्रक्रिया से देश को करीब 1.86 लाख करोड़ रुपए के राजस्‍व का नुकसान हुआ था। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा किए गए 200 से ज्‍यादा कोल ब्‍लॉक्‍स का आवंटन रद कर दिया था।

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