ताज़ा खबर
 

ऐसे होता है राष्ट्रपति का शपथ समारोह, कुर्सी बदलने और घर छोड़ने जैसी औपचारिकताएं भी होती हैं शामिल

President of India Swearing ceremony: राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के साथ ही निर्वाचित राष्ट्रपति कई औपचारिकताओं को पूरा करते हैं। आइए जानते हैं राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले और बाद में किन-किन औपचारिकताओं का निर्वहन किया जाता है।

राष्ट्रपति पद के लिए शपथ लेने की औपचारिक शुरुआत सेना की सलामी से मानी जाती है।

बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को 14वें राष्ट्रपति के रुप में चुना गया है और कोविंद 25 जुलाई को देश के पहले नागरिक के रुप में शपथ लेंगे। देश के सबसे बड़े सवैंधानिक पद पर विराजमान होने से पहले निर्वाचित राष्ट्रपति और मौजूदा राष्ट्रपति को कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के साथ ही निर्वाचित राष्ट्रपति कई औपचारिकताओं को पूरा करते हैं। आइए जानते हैं राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले और बाद में किन-किन औपचारिकताओं का निर्वहन किया जाता है।

सेना की सलामी- राष्ट्रपति पद के लिए शपथ लेने की औपचारिक शुरुआत सेना की सलामी से मानी जाती है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले नव-निर्वाचित राष्ट्रपति और मौजूदा राष्ट्रपति को सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है और सिर्फ मौजूदा राष्ट्रपति ही उन्हें जवाब में सलामी देते हैं, बल्कि नव-निर्वाचित राष्ट्रपति वहां मौजूद रहते हैं।

प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रपति की शपथ लेने से पहले सेना को सलामी देते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम। प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रपति की शपथ लेने से पहले सेना को सलामी देते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम।

शपथ ग्रहण समारोह- सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद भावी राष्ट्रपति और मौजूदा राष्ट्रपति शपथ ग्रहण के लिए जाते हैं, जहां सभी उप-राष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर, भावी राष्ट्रपति और मौजूदा राष्ट्रपति वहां विराजमान होते हैं। इस दौरान मौजूदा राष्ट्रपति बीच वाली कुर्सी पर बैठते हैं। उसके बाद भावी राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन के कर्तव्य को निभाने की शपथ लेते हैं और कुछ कागजी औपचारिकताएं की जाती है। यह कार्यक्रम संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित किया जाता है।

निर्वाचित राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल शपथ लेते हुए।

कुर्सी स्थानांतरण- राष्ट्रपति की शपथ लेने के बाद पूर्व राष्ट्रपति अपने कुर्सी बदलते हैं और नए राष्ट्रपति बीच वाली कुर्सी पर बैठ जाते हैं और पूर्व राष्ट्रपति उसके बगल वाली कुर्सी पर बैठ जाते हैं।

अब्दुल कलाम प्रतिभा पाटिल को कुर्सी स्थानांतरण करते हुए।

गार्ड ऑफ ऑनर- राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद सेना की टुकड़ी की ओर से फिर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है, जो कि नए राष्ट्रपति को दिया जाता है और पूर्व राष्ट्रपति भी वहां मौजूद रहते हैं। उसके बाद नए और पुराने राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन जाते हैं।

 

राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद सेना को सलामी देते हुए प्रतिभा देवी सिंह पाटिल।

विदाई- नए राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति को उनके घर छोड़ने भी जाते हैं। इस दौरान पूर्व और मौजूदा राष्ट्रपति एक बग्गी में सवार होकर नए पूर्व राष्ट्रपति को उनके घर छोड़ने जाते हैं। इस बार रामनाथ कोविंद, प्रणब मुखर्जी को 10 राजाजी मार्ग के लिए छोड़ने जाएंगे।

राष्ट्रपति भवन से विदा लेते हुए।

 

 

देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 राष्ट्रपति चुनाव: पार्टी लाइन के खिलाफ गए अरविंद केजरीवाल के दो और वसुंधरा राजे के 6 विधायक, जानिए कहां कितनी हुई क्रॉस वोटिंग
2 पीएम नरेंद्र मोदी ने नाश्ते पर की सांसदों से बात, कहा- यूपी में योगी आदित्य नाथ को सहयोग दीजिए
3 रामनाथ कोविंद का सूबे से रहा है विशेष लगाव
ये पढ़ा क्या?
X