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राष्ट्रपति की पत्नी शुभ्रा मुखर्जी का निधन, जानें यह 10 खास बातें

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पत्नी शुभ्रा मुखर्जी का मंगलवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं। रवींद्र संगीत की गायिका शुभ्रा 74 वर्ष की थीं।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पत्नी शुभ्रा मुखर्जी का मंगलवार को निधन हो गया। (फोटो श्रोत: ट्विटर)

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पत्नी शुभ्रा मुखर्जी का मंगलवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं। रवींद्र संगीत की गायिका शुभ्रा 74 वर्ष की थीं। उन्होंने सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हास्पिटल में अंतिम सांस ली। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने शुभ्रा मुखर्जी के निधन पर शोक जताया है।

राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता वेणु राजमणि ने एक बयान में कहा कि गहरे दुख के साथ यह सूचित किया जाता है कि देश की प्रथम महिला शुभ्रा मुखर्जी का मंगलवार सुबह को निधन हो गया। शुभ्रा मुखर्जी को सात अगस्त को आर्मी हास्पिटल में उस समय भर्ती कराया गया था जब उन्होंने सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी की शिकायत की थी। इसके बाद से ही उन्हें सघन उपचार कक्ष (आईसीयू) में रखा गया था।

1. शुभ्रा के परिवार में उनके पति, दो बेटे अभिजीत (कांग्रेस सांसद) और इंद्रजीत और एक बेटी शर्मिष्ठा हैं। शार्मिष्ठा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल पाई थी।पत्नी के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुखर्जी अपने ओड़ीशा दौरे को बीच में रोक कर सात अगस्त को ही दिल्ली लौट आए थे। मुखर्जी और शुभ्रा का विवाह 13 जुलाई 1957 को हुआ था। भारत की प्रथम महिला जेसोर की हैं, जो कि अब बांग्लादेश में आता है। 10 साल की उम्र में वे कोलकाता आ गई थीं। 

2. शुभ्रा रवींद्र संगीत की गायिका थीं और उन्होंने लंबे समय तक सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि यूरोप, एशिया और अफ्रीका में भी कवि की नृत्य-नाटिकाओं की प्रस्तुति दी थी। शुभ्रा ने ‘गीतांजलि ट्रूप’ की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य रवींद्रनाथ टैगोर की विचारधारा का प्रचार उनके गीतों और नृत्य-नाटिकाओं के जरिए करना था। इस ट्रूप की सभी प्रस्तुतियों के निर्माण के पीछे वे एक मार्गदर्शक बल थीं। संगीत के प्रति प्रेम रखने के अलावा शुभ्रा को चित्रकारी से भी लगाव था। शुभ्रा ने दो किताबें भी प्रकाशित हैं। इनमें से एक किताब ‘चोखेर अलोए’ है, जो कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ उनकी करीबी बातचीत का विवरण है।

3. उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने शुभ्रा मुखर्जी के निधन पर शोक जताया है।

4. उपराष्ट्रपति के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि इस शोक पर राष्ट्रपति को संवेदना प्रकट करने में उपराष्ट्रपति राष्ट्र के साथ शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीटर संदेश में कहा- शुभ्रा मुखर्जी के निधन की खबर सुन कर दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में राष्ट्रपति जी और उनके परिवार को मेरी संवेदनाएं। उन्होंने कहा कि शुभ्रा मुखर्जी कला, संस्कृति और संगीत प्रेमी के रूप में याद रखी जाएंगी।

5. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुभ्रा मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। सोनिया ने राष्ट्रपति और उनके परिवार के सदस्यों को संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में कांग्रेस और समूचा देश उनके साथ खड़ा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने शोक जताते हुए कहा- दुख की इस घड़ी में मैं राष्ट्रपति जी और उनके परिवार के साथ एकजुटता में खड़ा हूं।

6. गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों ने भी अपनी संवदेनाएं प्रकट कीं। सिंह ने कहा- शुभ्रा मुखर्जी के निधन की खबर सुन कर दुखी हूं। प्रणब मुखर्जी और उनके शोक संतप्त परिवार को मेरी हार्दिक संवेदना। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वे पिछले तीन दशक से उन्हें (शुभ्रा को) एक सरल और प्यारी शख्सियत के रूप में जानती हैं। ममता ने ट्वीट संदेशों की एक श्रंखला में कहा कि वे सरल, प्यारी और बेहद ध्यान रखने वाली गृहिणी थीं। ईश्वर राष्ट्रपति जी और उनके परिवार को यह नुकसान सहने की ताकत दे।

7. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताते हुए कहा- प्रणब मुखर्जी जी की पत्नी के निधन के बारे में सुन कर दुख हुआ। प्रणब दा और परिवार को मेरी हार्दिक संवेदना। सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी शुभ्रा मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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