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असम में CAA के खिलाफ प्रदर्शन में कांग्रेस यूथ विंग का अध्यक्ष गिरफ्तार, वित्त मंत्री ने हिंसा वाली जगह पर कांग्रेस नेता की मौजूदगी का वीडियो किया था जारी

चौधरी को गिरफ्तार कर दिसपुर पुलिस स्टेशन में रखा गया है। उन्हें उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह गुवाहटी हाई कोर्ट की ओर से जारी अंतरिम जमानत के आदेश के कॉपी लेकर दिसपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे।

Congress Youth Wing, caa, nrc, bjp, hemant biswa sarma, assam bjp, assam congress, Assam Finance Minister, CAA protestकांग्रेस यूथ विंग के अध्यक्ष कमरुल इस्लाम चौधरी। फोटो: Kamrul Islam Choudhury/Facebook

असम में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करने पर कांग्रेस यूथ विंग के अध्यक्ष कमरुल इस्लाम चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के आधार पर की गई है। गुवाहटी में बीते महीने सीएए विरोध को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुआ था। चौधरी को गिरफ्तार कर दिसपुर पुलिस स्टेशन में रखा गया है। उन्हें उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह गुवाहटी हाई कोर्ट की ओर से जारी अंतरिम जमानत के आदेश के कॉपी लेकर दिसपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे।

पुलिस ने उन्हें एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया। दरअसल पुलिस ने उनपर हिंसक प्रदर्शन से जुड़े कुल 32 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर कहा ‘कोर्ट ने उन्हें 9 जनवरी को अंतरिम जमानत दे दी थी और वह गुरुवार को कोर्ट के आदेश पर इसकी कॉपी लेकर इनवेस्टिगेशन ऑफिसर के सामने पेश होने आए थे लेकिन उन्हें एक अन्य मामला में गिरफ्तार कर लिया गया।’

उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 147, 148, 149, 151 307 के साथ 1984 के सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामले 11 और 12 दिसंबर को हुई हिंसा में उनकी कथित संलिप्तता को लेकर दर्ज किए गए हैं। बता दें कि असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने इस हिंसा से जुड़ा एक वीडियो जारी किया था। वीडियो जारी करते हुए उन्होंने हिंसा में कांग्रेस नेता की मौजूदगी का दावा किया था। वीडियो में कमरुल इस्लाम चौधरी को एक लड़के से हाथ मिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वित्त मंत्री ने यह वीडियो बीते महीने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी किया था। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को नकारते हुए इसे बदले की राजनीति करार दिया।

मालूम हो कि बीते दो महीने के दौरान सीएए के खिलाफ लोग जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सीएए भारतीय संविधान का उल्लंघऩ करता है। दरअसल सीएए में भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई लोगों को भारतीय नागरिकता देना का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इन लोगों को इन देशों में प्रताड़ना झेलनी पड़ती है और यह अपने ही लोग हैं जो आजादी के बाद इन देशों में चले गए।

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