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…तो क्‍या राष्‍ट्रपति चुनाव के बाद गिर जाएगी नीतीश कुमार की सरकार?

राष्‍ट्रपति चुनावों के बाद, तमिलनाडु में एआईएडीएमके सरकार और बिहार में जेडीयू सरकार अपदस्‍थ हो सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। (File Photo: PMO)

राष्‍ट्रपति पद के लिए बीजेपी उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद को एनडीए से इतर दलों का समर्थन हासिल हो रहा है। जद (यू) विधायक रत्नेश सदा ने बुधवार को पटना में संवाददाताओं से कहा कि जद (यू) राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद का समर्थन करेगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भी अपनी मंशा पूर्व में ही जाहिर कर दी थी। जद (यू) के सोनबरसा से विधायक सदा ने कहा, “बिहार का कोई राज्यपाल पहली बार राष्ट्रपति बनने जा रहा है। ऐसे में यह हमारे लिए गर्व की बात है और हम रामनाथ कोविंद के साथ हैं।” बुधवार को जैसे ही खबर आई कि नीतीश कुमार ने रामनाथ कोविंद की उम्‍मीदवारी का समर्थन किया है, नई दिल्‍ली स्थित बीजेपी मुख्‍यालय में लड्डू बांटे जाने लगे। नीतीश कुमार ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने पर अपनी खुशी व्यक्त कर उन्हें समर्थन देने के संकेत दिए थे। कोविंद को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नीतीश ने राजभवन जाकर कोविंद से मुलाकात भी की थी।

बीजेपी के अंदरखाने इस बात की भी चर्चा है कि जिस दिन बीजेपी संसदीय दल की बैठक के दौरान कोविंद का नाम घोषित किया गया था, उसी दिन अमित शाह ने कोविंद को फोन कर इशारा कर दिया था कि वह नीतीश कुमार को उनके समर्थन के लिए संदेश भिजवाएं। जिसके बाद अरुण जेटली (राष्‍ट्रपति चुनावों के लिए सर्वसम्‍मति हासिल करने हेतु बनी तीन-सदस्‍यीय कमेटी के सदस्‍य) ने नीतीश कुमार से बात की। उसी के बात बीजेपी का शीर्ष नेतृत्‍व यह मान रहा था कि नीतीश साथ आ गए हैं, और बुधवार को उन्‍होंने पुष्टि भी कर दी।

नीतीश कुमार के साथ आने को बीजेपी के शीर्ष नेतृत्‍व, खासकर नरेंद्र मोदी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में यह भी कहा जा रहा है कि अगस्‍त 2017 के बाद से दो राज्‍यों में सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा। राष्‍ट्रपति चुनावों के बाद, तमिलनाडु में एआईएडीएमके सरकार और बिहार में जेडीयू सरकार अपदस्‍थ हो सकती है।

अब जब नीतीश साथ आ गए हैं तो ऐसे कयास लग रहे हैं कि बिहार में जेडीयू और उसके सहयोगी के बीच दरार देखने को मिल सकती है और फिर नीतीश के लिए बिहार सीएम बने रह पाना और मुश्किल हो सकता है। अगर लालू कोई दांव चलते हैं तो बीजेपी का समर्थन नीतीश के काम आ सकता है। बिहार में बीजेपी-जेडीयू के साथ आने की चर्चा इन दिनों बीजेपी के राष्‍ट्रीय मुख्‍यालय में जोर-शोर से चल रही है।

तमिलनाडु में एआईएडीएमके भी एनडीए उम्‍मीदवार को अपना समर्थन दे सकती है। बीजेपी नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने बुधवार को कहा कि ‘शशिकला उस पार्टी की संचालिका हैं। लोग तीन धड़ों, चार धड़ों की जितनी चाहे बात करें, वह अब एआईएडीएमके की उत्‍तराधिकारी हैं और मुझे यकीन है वे हमारे पक्ष में फैसला करेंगी।’

गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 17 जुलाई को मतदान होना है। नतीजा 20 जुलाई को घोषित होगा। वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो जा रहा है।

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