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राष्‍ट्रपति पद का उम्‍मीदवार नहीं बनना चाहते थे लालकृष्‍ण आडवाणी, खुद कर दिया था मना: चिन्मयानंद

चिन्मयानंद ने कहा, ‘‘यह कहना पूर्णतया गलत होगा कि राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के लिए आडवाणी की उपेक्षा की गई है ।

भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी।

पूर्व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने शनिवार (24 जून) को दावा किया कि राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाये जाने के लिए लालकृष्ण आडवाणी ने स्वयं मना कर दिया था क्योंकि उन्हें अयोध्या मामले में सीबीआई ने आरोपी बनाया गया है। चिन्मयानंद ने कहा, ‘‘यह कहना पूर्णतया गलत होगा कि राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के लिए आडवाणी की उपेक्षा की गई है । अयोध्या मामले में सीबीआई ने उन्हें आरोपी बनाया है इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए स्वत: ही मना कर दिया था।’’ उपराष्ट्रपति के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति का चुनाव होगा लेकिन कौन प्रत्याशी होगा? यह अभी तय नहीं किया गया है। राम नाथ कोविंद एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। इसी के साथ देश के अगले राष्ट्रपति को लेकर कयासों का बादल छंट गया है। वर्तमान राजनीतिक गणित के मुताबिक राम नाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना लगभग तय है। इस घोषणा के साथ ही राष्ट्रपति पद के प्रबल दावेदारों में से एक और बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी के राष्ट्रपति बनने की संभावनाएं खत्म हो गई है।

स्वामी चिन्मयानंद ने कहा, ‘‘भाजपा के लिए अयोध्या का राम मंदिर मुद्दा सबसे अहम है। ऐसे में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि आपसी सहमति से इसका हल निकाले परंतु इस पर दूसरा पक्ष (बाबरी मस्जिद) तैयार नहीं हुआ जिसके चलते कोई हल नहीं निकल पाया।’’ उन्होंने कहा कि जब सोमनाथ मंदिर बना था तब भी केंद्र सरकार ने प्रस्ताव पास करके कानून बनाया और मंदिर का निर्माण कराया था उसी तरह अव केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में तत्काल प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को कानून बनाना चाहिए ताकि मंदिर का निर्माण हो सके यही एक विकल्प भी है।

मऊ में नमाज के बाद गोलीबारी की घटना पर चिन्मयानंद ने कहा कि कुछ शरारती तत्व अमन-चैन के माहौल को खराब करना चाहते हैं और ये लोग सरकार को बदनाम करने का मंसूबा बनाए हैं। शाहजहांपुर के मऊ रसूलपुर में गाय की हत्या पर उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा उसको कानून सजा देगा। ‘‘योगी सरकार उत्तर प्रदेश में हिंदू और मुसलमानों को समान रुप से सम्मान देती है जो लोग सांप्रदायिकता फैलाने का काम करते हैं अब उनकी नहीं चलने वाली।’’

रामनाथ कोविंद होंगे एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार

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