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9 सितंबर से राजधानी, शताब्दी, दूरंतो ट्रेनों में 50 फीसदी तक ज्यादा पैसे लेकर बेची जाएंगी 90 फीसदी सीटें

रेल किराए में इस बढ़ोतरी के बाद प्रीमियम ट्रेनों का किराया सस्ती हवाईसेवाओं के लगभग बराबर हो जाएगा।

रेलवे ने प्रीमियम श्रेणियों में किराया करीब डेढ़ गुना बढ़ा दिया है। (एजेंसी- फाइल फोटो)

भारत सरकार ने बुधवार (7 अगस्त) को लगभग राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसे लगभग सभी प्रीमियम ट्रेनों किराये में 50 प्रतिशत तक के बढ़ोतरी की घोषणा की। इस बढ़ोतरी के बाद इन ट्रेनों का किराया सस्ते हवाई टिकट के बराबर हो जाएगा। सरकार ने ये बढ़ोतरी डायनमिक प्रिसिंपल मॉडल के तहत लागू की है यानी इन प्रीमियम श्रेणियों के पहले 10 प्रतिशत टिकट ही मौजूदा दर पर मिलेंगे। बाकी 90 प्रतिशत टिकट बुनियादी किराए से 10 से 50 प्रतिशत अधिक ज्यादा कीमत पर मिलेंगे। इस बदलाव के बाद प्रीमियम ट्रेनों में सेकंड एसी का किराया 50 प्रतिशत तक और थर्ड एसी का किराया 40 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। नई दर “फ्लेक्सी फेयर” (लचीला किराया) शुक्रवार से लागू हो जाएगी। जिन लोगों ने पहले से टिकट आरक्षित करा रखें हैं उन्हें बढ़े हुआ किराया नहीं देना होगा।

फर्स्ट एसी और एग्जिक्यूटिव चेयर काल क्लास को छोड़करनई दरें का प्रभाव दुरंतों जैसी ट्रेनों के नॉन-एसी श्रेणी की टिकटों समेत सभी श्रेणियों पर पड़ेगा। अभी रेलवे के पास 42 राजधानी, 46 शताब्दी और 54 दुरंतो ट्रेनें नियमित प्रयोग में हैं। प्रीमियम ट्रेनों के केवल बुनियादी किराए में बढ़ोतरी होगी, जबकि अतिरिक्त शुल्क, कैटरिंग शुल्क, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क और सेवा शुल्क पहले जितना ही रहेगा।

नई नीति के तहत पहले 10 प्रतिशत सीटें मौजूदा दर पर मिलेंगे। उसके बाद अगले हर 10 प्रतिशत सीटों में से आधी नई दर से आरक्षित की जाएंगी। सेकंड एसी की आखिरी 50 प्रतिशत सीटें बुनियादी किराए से 50 प्रतिशत अधिक कीमत पर मिलेंगी। थर्ड एसी की आखिरी 60 प्रतिशत सीटें मूल किराए से 40 प्रतिशत अधिक कीमत पर मिलेंगी।

आम तौर पर रेल किराए का 78 से 86 प्रतिशत मूल किराया होता है। मूल किराया सेक्टर और श्रेणी के आधार पर तय होता है। मौजूदा दरों में प्रीमियम ट्रेनों की 30-40 प्रतिशत सीटें आरक्षण शुरू होते ही कुछ मिनटों के अंदर आरक्षित करा ली जाती हैं। टिकट आरक्षण यात्रा की तारीख से 90 दिन पहले शुरू हो जाता है।  यानी नई व्यवस्था के तहत आरक्षण शुरू होने के एक दिन बाद भी टिकट लेने वालों को बढ़ी हुई दरों के अनुसार किराया देना होगा।

रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने कहा कि इन तीनों प्रीमियम ट्रेनों में आधार किराया लचीली किराया प्रणाली के आधार पर होगा। देश में इस समय 42 राजधानी, 46 शताब्दी तथा 54 दुरंतो ट्रेनें चल रही हैं। रेलवे ने चालू वित्त वर्ष में यात्री किरायों से 51,000 करोड़ रुपए की आय का लक्ष्य रखा है जो पिछले वित्त वर्ष में 45,000 करोड़ रुपए था। जमशेद ने कहा, ‘हम लचीली या फ्लेक्सी किराया प्रणाली शुरू कर रहे हैं। यह परीक्षण के आधार पर है। इसकी तीन-चार महीने बाद समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह दलालों के खिलाफ उपाय के रूप में काम करेगा।

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