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तेज तर्रार IPS हैं प्रशांत कुमार, 3 साल रहे मेरठ जोन के ADG तब सर्वाधिक एनकाउंटर उसी जोन में हुए; कहे जाते हैं एन्काउंटर स्पेशलिस्ट

हाथरस कांड को लेकर एडीजी प्रशांत कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और जातीय हिंसा भड़काने के लिए कुछ लोग तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता लखनऊ/नई दिल्ली | Updated: October 3, 2020 1:34 PM
Prashant Kumar IPS, Prashant Kumar, IPS, ADG of Meerut, ADG, Meerutयूपी पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार। (फाइल फोटो)

Hathras Gangrape Case: यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार तेज तर्रार Indian Police Service (IPS) अफसर हैं। हाथरस गैंगरेप केस को लेकर हाल ही में वह चर्चा में आए हैं। पश्चिमी यूपी में संगठित अपराध को खत्म करने के लिए उन्हें जाना जाता है। उनका रौब ऐसा बताया जाता है कि बदमाश उनके नाम से खौफ खाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून 2019 में मेरठ जोन की पुलिस ने एक हफ्ते के भीतर 48 मुठभेड़ को अंजाम दिया था।

2019 के एनकाउंटर ग्राफ की मानें तो वेस्ट यूपी की पुलिस ने 370 एन्काउंटर में 687 बदमाश अरेस्ट किए गए, जिनमें 76 ईनामी भी थे। कुमार के मुताबिक, “वह जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करते हैं।” हालांकि, उनका कहना था कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ मुठभेड़ होती है। बहुत सारी डकैतियों और लूट के मामलों में 80 से 90 फीसदी रिकवरी कराई गई है। बता दें कि 90 के दशक में पश्चिमी यूपी के कई जिलों में उन्हें अपहरण, रंगदारी और सुपाड़ी उद्योग की कमर तोड़ने के लिए भी जाना जाता है।

MBA पास और बिहारी हैं कुमारः कुमार यूपी कैडर के साल 1990 बैच के आईपीएस हैं। मौजूदा समय में वह यूपी पुलिस में ADG Law & Order के तौर पर तैनात हैं। वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उनकी पैदाइश (15 मई 1965) सीवान की है। उन्होंने एमएससी (एप्लाइड सायकोलॉजी), एमबी (डिज़ास्टर मैनेजमेंट) और एमफिल (डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज) की पढ़ाई की है।

इन्हीं की तैनाती के दौरान हुए ताबड़तोड़ एनकाउंटर!: जानकारी के मुताबिक, आईपीएस के नाते उनका सेलेक्शन तमिलनाडु कैडर में हुआ था, पर 1994 में यूपी कैडर की आईएएस (डिंपल वर्मा) से शादी के बाद इसी कैडर में आ गए। यूपी में मौजूदा तैनाती से पहले उनकी पोस्टिंग मेरठ में थी। वह करीब तीन साल तक मेरठ जोन में एडीजी रहे। बताया जाता है कि वहां उनकी पोस्टिंग के दौरान सबसे अधिक एनकाउंटर उसी जोन में हुए, जबकि 2007 में वह मेरठ रेंज के डीआईजी भी रह चुके हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान पुष्प वर्षा करा आए थे चर्चा मेंः कुमार, यूपी में कांवड़ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसवा कर एकाएक सुर्खियों में भी आ चुके हैं। हालांकि, इस मामले पर उन्हें आलोचना का शिकार भी होना पड़ा था। वैसे, सफाई में उनका कहना था कि जो किया गया था, वह सरकार के कहेनुसार हुआ था। हेलीकॉप्टर शासन ने उपलब्ध कराया था।

पुष्पवर्षा विवाद पर दी थी ये सफाई: उन्होंने तब कहा था- यह घटनाक्रम धार्मिक एंगल से न देखा जाए। स्वागत के लिए फूलों का इस्तेमाल होता है। प्रशासन हर धर्म का सम्मान करता है। फिर चाहे गुरुपर्व, ईद, बकरीद और जैन त्यौहार क्यों न हो। प्रशासन इन सब मौकों पर भी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करता है।

क्या बोले हाथरस कांड को लेकर?: दरअसल, एक अक्टूबर को उन्होंने दावा किया था कि इस घटना में 19 साल की दलित लड़की के साथ रेप नहीं हुआ था। लखनऊ में उन्होंने बताया कि दिल्ली के एक अस्पताल के मुताबिक युवती की मौत गले में चोट लगने और उससे हुए सदमे की वजह से हुई थी। फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट से भी यह साफ कि उसके साथ बलात्कार नहीं हुआ।

‘हिंसा भड़काने को तथ्य गलत तरीके से किए गए पेश’: बकौल कुमार, “वारदात के बाद युवती ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में भी अपने साथ बलात्कार होने की बात नहीं कही थी। उसने सिर्फ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया था।” एडीजी प्रशांत कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और जातीय हिंसा भड़काने के लिए कुछ लोग तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने हाथरस मामले में तुरंत कार्यवाही की और अब हम उन लोगों की पहचान करेंगे जिन्होंने माहौल खराब करने और प्रदेश में जातीय हिंसा भड़काने की कोशिश की।’’

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