पैनल के रास्ते कांग्रेस में हो सकता है प्रशांत किशोर का प्रवेश, सोनिया करेंगी अंतिम फैसला

रिपोर्ट के मुताबिक अगर हाई-प्रोफाइल चुनावी रणनीतिकार कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो उन्हें पैनल के रास्ते पार्टी में शामिल किया जाएगा। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व से पार्टी की रणनीति और चुनाव प्रबंधन पर निर्णय लेने के लिए एक “सशक्त समूह” बनाने का अनुरोध किया है।

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कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर। (express file)

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर जल्द कांग्रेस जॉइन कर सकते हैं। उन्हें कांग्रेस में शामिल करने का अंतिम फैसला पार्टी अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी लेंगी। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें विशेष AICC पैनल के माध्यम से पार्टी में शामिल किया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस मुद्दे से पूरी तरह अवगत हैं और सूत्रों के मुताबिक किशोर को लेकर जुलाई के बाद से कोई चर्चा नहीं हुई है। इस दौरान कांग्रेस  मानसून सत्र के साथ-साथ अन्य घटनाक्रमों में व्यस्त थी। रिपोर्ट के मुताबिक अगर हाई-प्रोफाइल चुनावी रणनीतिकार कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो उन्हें पैनल के रास्ते पार्टी में शामिल किया जाएगा। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व से पार्टी की रणनीति और चुनाव प्रबंधन पर निर्णय लेने के लिए एक “सशक्त समूह” बनाने का अनुरोध किया है।

कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किशोर को अपनी पार्टी से जोड़ेगी। आने वाले समय में  उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में  विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पांचों राज्यों में अगले साल फरवरी-मार्च के आसपास चुनाव होने हैं।

ये चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण हैं। पिछले कुछ चुनावों में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा हुआ है। किशोर ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के साथ काम किया था और उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की प्रचंड जीत में अहम भूमिका निभाई थी। चूंकि किशोर चुनाव से संबंधित मुद्दों पर एक पूर्ण भूमिका और निर्णय लेने का अधिकार चाहते हैं, इसलिए पार्टी के नेता उम्मीदवारों के चयन पर एक व्यक्ति को खुली छूट देने के खिलाफ हैं।

सूत्रों ने कहा कि किशोर को चुनाव प्रबंधन के प्रभारी महासचिव के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठों का कहना है कि चुनाव की एकमात्र जिम्मेदारी एक व्यक्ति को देना अच्छा विचार नहीं है। क्योंकि किशोर पर समग्रता से भरोसा नहीं किया जा सकता है। हालांकि, कोई भी उनके पार्टी में शामिल होने के खिलाफ नहीं है। 

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