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नीतीश जी का दोष नहीं है, गलती मेरी है…मैं छोड़ कर चला गया था- बिहार CM से अलग होने पर जब बोले थे प्रशांत किशोर

हाल ही में प्रशांत किशोर ने सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि पॉजिटिविटी फैलाने के नाम पर "झूठ" और "प्रचार" को आगे बढ़ाने का सरकार का प्रयास "घृणित" है।

प्रशांत किशोर ने बताया कि वे नीतीश कुमार से अलग क्यों हो गए थे। (सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)।

एक इंटरव्यू में जब चुनावी रणनीतिकार प्रंशात किशोर से पूछा गया कि क्या आप नीतीश कुमार की सरकार में सलाहकार थे? इसके जवाब में हामी भरते हुए किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार ने मुझे बहुत पावर दी थी। प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार का दोष नहीं है, दोष मेरा है, मैं ही उनको छोड़ आया हूं। प्रशांत किशोर ने बताया कि 2015 में मैंने नीतीश कुमार से जुड़ने से पहले शर्त ही यही रखी थी कि सलाहकार होने के नाते मैं जो करना चाहता हूं आप मुझे वो करने दीजिएगा। जिसके बाद बिहार विकास मिशन की शुरुआत की थी। मेरे अंदर कमी है कि मैं बिहार विकास मिशन छोड़ आया था।

हाल ही में प्रशांत किशोर ने सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि पॉजिटिविटी फैलाने के नाम पर “झूठ” और “प्रचार” को आगे बढ़ाने का सरकार का प्रयास “घृणित” है। दो मई को पांच राज्यों के चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद प्रशांत किशोर ने पहली बार सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी। किशोर ने ट्वीट किया, “एक शोकग्रस्त राष्ट्र और हमारे चारों ओर त्रासदियों के सामने, पॉजिटिविटी फैलाने के नाम पर झूठ और प्रचार को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास घृणित है! पॉजिटिव होने के लिए हमें सरकार के अंधे प्रचारक बनने की जरूरत नहीं है।”

यह हमला तब हुआ जब देश महामारी की दूसरी लहर के चरम पर है। कुछ दिनों पहले, सरकार ने “सरकार की पॉजिटिव छवि बनाने” और “पॉजिटिवि खबरों और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से उजागर करने के माध्यम से लोगों की धारणा” बदलने के लिए प्रभावी संचार नामक एक कार्यशाला का आयोजन किया था। ये सरकारी अधिकारियों की पहली ऐसी कार्यशाला थी। कार्यशाला में प्रत्येक विभाग के संयुक्त सचिव (मीडिया) सहित लगभग 300 अधिकारियों ने भाग लिया था।

इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 11 मई से 15 मई के बीच ‘पॉजिटिविटी अनलिमिटेड’ शीर्षक से ऑनलाइन व्याख्यान की एक श्रृंखला शुरू की । जिसका उद्देश्य चल रही महामारी के बीच लोगों में विश्वास और सकारात्मकता फैलाना है। व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन आरएसएस की कोविड रिस्पांस टीम द्वारा किया जा रहा है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, विप्रो समूह के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी, आध्यात्मिक नेता जग्गी वासुदेव प्रमुख वक्ताओं में शामिल हैं।

अप्रैल में, ‘क्लब हाउस रूम’ में प्रशांत किशोर के ऑडियो का एक हिस्सा लीक होने के बाद प्रशांत किशोर एक विवाद में फंस गए थे। उस बातचीत में प्रशांत किशोर को बंगाल में पीएम मोदी की लोकप्रियता के बारे में बात करते सुना गया था। सरकार के कोविड-19 प्रबंधन, वैक्सीन नीति आदि के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी किशोर मुखर रहे हैं।

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