सियासी सूरमाओं के मददगार बनने वाले प्रशांत किशोर जाना चाहते हैं राज्यसभा? नहीं जाहिर करते अपने सियासी सपने

प्रशांत किशोर अब तक नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, कैप्टन अमरिंदर सिंह, जगन रेड्डी, ममता बनर्जी और एमके स्टालिन जैसी शख्सियतों को को सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में मददगार रहे हैं।

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प्रशांत किशोर की मदद से कई दिग्गजों से सत्ता का सफर तय किया है। (एक्सप्रेस फोटो: अभिनव साहा)

सियासी दुनिया में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपने आप को कई बार साबित कर चुके हैं। 44 साल के किशोर अब तक नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, कैप्टन अमरिंदर सिंह, जगन रेड्डी, ममता बनर्जी और एमके स्टालिन जैसी शख्सियतों को को सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में मददगार रहे हैं। 2 मई 2021 को प्रशांत किशोर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि वह चुनावी सलाहकार के तौर पर अपनी भूमिका को बहुत लंबे समय तक आगे नहीं ले जाना चाहते हैं। उनके इस बयान के बाद से ही पीके के राजनीति में जाने कयासों ने जोर पकड़ लिया। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है कि प्रशांत किशोर की राजनीतिक महत्वकांक्षा क्या है।

प्रशांत किशोर के बयान के कुछ समय पहले तक वह एक पार्टी (जनता दल यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाने की तैयारी की थी लेकिन इरादा ठंडे बस्ते में डाल दिया। अमूमन ऐसा देखा जाता है कि सत्ता की चाभी पाने में मदद करने वालों को ख्वाहिश राज्यसभा में जाने की होती है। प्रशांत किशोर की इस मंंशा के पीछे पिछले दिनों TMC के साथ हुई चर्चा है। जब कहा गया था कि किशोर यशवंत सिन्हा के साथ TMC के कोटे से राज्यसभा जा सकते हैं। अफवाहों के बाजार में यह सुगबुगाहट फरवरी-मार्च 2020 में सुनाई दी थी।

प्रशांत किशोर एक पेशेवर रणनीतिकार हैं, इसलिए उनकी पहचान सियासी दलों के साथ एक प्रोफेशनल के तौर पर है। वो आज अगर किसी पार्टी के साथ काम कर रहे हैं तो आने वाले समय में वह उसके विरोधियों के साथ काम करेंगे, इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में कोई भी पार्टी प्रोफेशनल रिश्तों के आधार पर राज्यसभा सीट देने से गुरेज करेगी।

इस बात का आभास खुद प्रशांत को भी है, इसलिए वह अक्सर कांग्रेस को उबारने की बातें किया करते हैं। अगर उनके बयानों पर नजर डालें तो कहा जा सकता है कि राजनीति में पूरे तरह से उतरने के लिए प्रशांत किशोर की पहली पसंद कांग्रेस है। कांग्रेस में शामिल होने के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हामी मिलना जरूरी है। प्रशांत किशोर के कांग्रेस में जाने की चर्चाओं ने भी पिछले दिनों सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। सूत्रों की मानें तो प्रशांत पार्टी में जनरल सेक्रेटरी स्ट्रैटजी और अलायंस का पद चाहते हैं। यह अपने आप में एक बड़ी भूमिका होगी। अगर उन्हें यह पद मिल जाता है तो वह पार्टी आलाकमान के साथ सीधे काम करेंगे।

राहुल गांधी को प्रशांत किशोर की शैली कुछ खास पसंद नहीं है क्योंकि उत्तर प्रदेश में प्रशांत की सलाह पर ही वह बीजेपी के खिलाफ, अखिलेश यादव की साइकिल पर सवार होकर उतरे थे। चुनावों में मिली हार के कारण उनका मोहभंग हो गया है लेकिन प्रियंका को उनकी स्टाइल भाती है और जीत हार का अनुपात भी प्रभावित करता है।

हालांकि इन सबके बीच प्रशांत किशोर ने किसी भी संभावना पर खुलकर बयानबाजी नहीं की है, वह अपने हर कदम को सोच समझ कर रख रहे हैं। अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा को लेकर खुलकर बात करने से बचते भी है। लिहाजा समय के साथ अटकलबाजियां तेज होती जाएंगी।

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