प्रशांत किशोर पहले कांग्रेस में शामिल हों, फिर ज्ञान दें, किसी की गुलाम नहीं हो सकती पार्टी- बोले हरीश रावत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा है कि प्रशांत किशोर इस तरह से पार्टी को ज्ञान न दें। पार्टी किसी की गुलाम नहीं हो सकती।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत। फोटो- एक्सप्रेस

चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने पर सस्पेंस अभी बरकरार है। इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और CWC के सदस्य हरीश रावत ने कहा है कि पीके पहले कांग्रेस में कार्यकर्ता के तौर पर शामिल हों, उनका स्वागत है। इसके बाद वह अपना ज्ञान दें। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने के बाद भी वह इस बात पर जोर नहीं दे सकते कि इसी ढंग से कांग्रेस में काम होना चाहिए। पार्टी किसी एक शख्स की गुला्म नहीं हो सकती।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के आइडिया एक्सचेंज कार्यक्रम में बोलते हुए रावत ने टीएमसी को लेकर भी कहा कि पार्टी के नेताओं को लालच देकर टीएमसी भी इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी जो काम कर रही हैं, उससे विपक्षी एकता मजबूत नहीं होने वाली है।

प्रशांत किशोर के बारे में सवाल पूछे जाने पर रावत ने कहा, ‘कोई भी शख्स जो भारत का नागरिक हो और जो स्वतंत्रता आंदोल व कांग्रेस में विश्वास रखता हो, वह पार्टी में शामिल हो सकता है। इस तरह प्रशांत किशोर भी पार्टी में आ सकते हैं। हम नए विचारों को हमेशा जगह देते हैं। लेकिन पार्टी किसी एक व्यक्ति की गुलाम नहीं हो सकती। भले ही वह बहुत सक्षम व्यक्ति हो, लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि बाबा अब आप ही सब काम संभालिए, मै कुछ नहीं करूंगा।’

हरीश रावत ने कहा कि पार्टी में सबकी अपनी भूमिका है। अगर प्रशांत किशोर चाहें तो वह पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनका स्वागत है। लेकिन हम अपने संविधान और परंपराओं का पालन करेंगे। यह बात एकदम स्पष्ट है।

कांग्रेस में प्राथमिक सदस्य के रूप में पीके को शामिल करने पर रावत ने कहा, सभी जानते हैं कि पीके अपने क्षेत्र में जानकार हैं और इससे कांग्रेस को भी फायदा हो सकता है लेकिन पार्टी में किसी को शामिल करने का एक तरीका है। उनको भी उसी तरीके से पार्टी में आना पड़ेगा। पहले वह सदस्य बनेंगे, इसके बाद ही उन्हें कोई जिम्मेदारी दी जाएगी। पहले उन्हें कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए और उसके बाद ही उन्हें पार्टी के फैसलों पर कोई टिप्पणी करनी चाहिए।

बता दें कि हाल ही में लखीमपुर खीरी की घटना के बाद जब प्रियंका गांधी वहां पहुंची थी तब प्रशांत किशोर ने ट्विटर पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की जड़ों तक समस्या पहुंच चुकी है और उसे इस तरीके से ठीक नहीं किया जा सकता है।

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