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प्रसार भारती ने बताया कि “एन्टी इंडिया” अमेरिकी रिपोर्टर को भारत से हटाना चाहती है मोदी सरकार, विदेश मंत्रालय बोला- गलत खबर

केन्द्रीय प्रसारण एवं सूचना मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दो मलयालम न्यूज चैनल्स की दिल्ली दंगों की रिपोर्टिंग पर लगे 48 घंटे के बैन को हटा लिया था। न्यूज चैनल्स पर आरोप थे कि वह दंगों में एक पक्ष का समर्थन कर रहे हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रसार भारती के दावे को गलत बताया है। (एपी फोटो)

नेशनल पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक ट्विटर पेज पर कुछ ट्वीट किए, जिनमें दावा किया गया कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिका में स्थित भारतीय दूतावास से अपील की है कि वह तुरंत एरिक बेलमेन को वापस अमेरिका बुलाने के मामले में कुछ करें। बता दें कि एरिक बेलमेन वाल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशिया डिप्टी ब्यूरो चीफ हैं। ट्वीट में दावा किया गया कि उनके ‘भारत विरोधी व्यवहार’ के चलते ऐसी मांग की गई है।

हालांकि बाद में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा कि “एक व्यक्ति ने सरकारी प्लेटफॉर्म पर एरिक बेलमेन के खिलाफ एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायी थी। इस शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारी को तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन भारत से भेजने संबंधी कोई निर्देश पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।”

बता दें कि हाल ही में केन्द्रीय प्रसारण एवं सूचना मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दो मलयालम न्यूज चैनल्स की दिल्ली दंगों की रिपोर्टिंग पर लगे 48 घंटे के बैन को हटा लिया था। न्यूज चैनल्स पर आरोप थे कि वह दंगों में एक पक्ष का समर्थन कर रहे हैं और दिल्ली पुलिस और आरएसएस के खिलाफ रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अब एरिक बेलमेन के संबंध में प्रसार भारती के ट्वीट भी उसके एक हफ्ते बाद सामने आए हैं।

रवीश कुमार के ट्वीट के बाद प्रसार भारती ने भी शुक्रवार शाम अपना ट्वीट हटा लिया। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी रिपोर्टर के बारे में शिकायत मिलने के बाद यह मामला सचिव (काउंसलर) के सामने भेजा गया था, ना कि अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास में। प्रसार भारती ने गलत जानकारी दी है।

बीती 28 फरवरी को भी प्रसार भारती ने वाल स्ट्रीट जर्नल को लेकर कुछ ट्वीट किए थे, जिनमें दावा किया गया था कि न्यूजपेपर में जो दिल्ली दंगे के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की मौत की खबर छपी थी, वो गलत थी।

दावा किया गया कि मृतक अंकित शर्मा के भाई ने प्रसार भारती को बताया कि अखबार अपनी रिपोर्ट में झूठ बोल रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अंकित शर्मा के भाई अंकुर ने बताया कि जिस भीड़ ने अंकित पर हमला किया वह जय श्री राम के नारे लगा रही थी, लेकिन अंकित ने इस बात को नकार दिया।

वहीं विदेश मंत्रालय की सफाई के बाद प्रसार भारती ने भी अपने ट्वीट हटा दिए और इसे एक रुटीन प्रक्रिया बताया। हालांकि वाल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशिया ब्यूरो चीफ बिल स्पिंडल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी सरकार के आधिकारिक बयान का ही जिक्र किया।

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