प्रणित मोरे शो के विवाद के कारण मुबंई के केईएम अस्पताल ने एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार पर अब एक्शन लिया है, उन्हें मेडिकल कॉलेज ने जबरन छुट्टी पर भेज दिया है। साथ ही उनके माता-पिता को भी बुलाया है।

वहीं, प्रशासन ने शनिवार को वायरल वीडियो पर हुए विवाद को लेकर विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी के गठन का प्रस्ताव रखा है। कमेटी को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।

जांच के लिए बनाई गई कमेटी

प्रशासन ने यह फैसला शुरुआती जांच के बाद लिया है, जांच में प्रशासन को लगा कि घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जानी चाहिए। प्रस्तावित कमेटी में एक रिटायर्ड फैकल्टी सदस्य, तीन सीनियर फैकल्टी सदस्य और बाहरी सदस्य के तौर पर एक पत्रकार शामिल हैं, ताकि निष्पक्ष जांच हो।

केईएम अस्पताल के डीन हरीश एम. पाठक ने कहा, “आज छात्रा को उसके माता-पिता की देखरेख में सौंप दिया गया है और उसकी सुरक्षा व मानसिक सेहत से जुड़ी चिंताओं पर ध्यान दिया जा रहा है। हमने उसके 15 दिन की जबरन छुट्टी पर भेजा गया है। साथ ही उनके माता पिता को भी उसकी काउंसलिंग का इंतजाम करने का भी सुझाव दिया है। छात्रा से जुड़ी सभी कार्रवाई लागू नियमों और गाइडलाइंस के मुताबिक की जाएगी, क्योंकि वह अभी भी अपनी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।”

सेजल ने मानी गलती

हालांकि सेजल पवार ने शुक्रवार को लिखित माफीनामा सौंपा, जिसमें उन्होंने माना कि उनके कुछ बयान गलत थे और उनसे लोगों को परेशानी हो सकती है। अस्पताल की शुरुआती जांच में उनके बयानों को आपत्तिजनक और असंवेदनशील पाया गया, ये बयान एक मेडिकल स्टूडेंट से अपेक्षित गरिमा, सहानुभूति और पेशेवर जिम्मेदारी के मानकों के अनुरूप नहीं थे।

पुलिस ने दर्ज की है एफआईआर

प्रणित मोरे के कॉमेडी शो के वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। एक क्लिप में, सेजल पवार ने कथित तौर पर पुरुष शव दान करने वालों के बारे में असंवेदनशील टिप्पणी की। इसके बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्रणित मोरे, सेजल पवार और दर्शकों में शामिल एक अन्य व्यक्ति हिमांशु जांगरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हिमांशु जिन्होंने डेट पर खर्च किए गए पैसे के बदले शारीरिक संबंध बनाने के बारे में टिप्पणी की थी, इस विवाद के कारण पहले ही अपनी नौकरी खो चुके हैं।

सेजल को कमेटी के सामने होना है पेश

अस्पताल प्रशासन ने कहा कि सेजल को कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। जांच में वायरल वीडियो में दिए गए बयानों, मिली शिकायतों, छात्रा के व्यवहार, घटना से जुड़ी सोशल मीडिया एक्टिविटी और संस्थान की छवि पर पड़े असर की पड़ताल की जाएगी।

जरूरी मंजूरी मिलने के बाद कमेटी के काम के दायरे को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद जांच औपचारिक रूप से शुरू होगी। हरीश एम पाठक ने कहा, “हालांकि शुरुआती जांच में कुछ तथ्य सामने आए, लेकिन किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले एक व्यापक और निष्पक्ष जांच जरूरी समझी गई।”

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स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे इस समय अपनी नई कंट्रोवर्सी के लिए काफी चर्चा में हैं। कॉमेडियन का सोशल मीडिया पर ₹370 बिरयानी विवाद वाला वीडियो छाया हुआ है। ये टिप्पणी करने वाले शख्स की नौकरी तक जा चुकी है। प्रणित मोरे भी इस विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांग चुके हैं, इतनी ही नहीं बढ़ते विवाद के कारण अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर चुके हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें