New Education Minister: छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। अब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी देश के नए शिक्षा मंत्री होंगे। उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हैं। वे अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। 64 साल के प्रह्लाद जोशी 2004 से कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।
नए शिक्षा मंत्री जोशी ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक करियर कई दशकों तक शानदार रहा है और देश के विकास के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। जोशी ने कहा कि प्रधान के कार्यकाल में NEP 2020 को सफलतापूर्वक लागू किया गया और शिक्षा के क्षेत्र में 100 से ज़्यादा बड़े और छोटे सुधार किए गए।
राष्ट्रपति भवन ने जारी की प्रेस विज्ञाप्ति
इससे पहले, राष्ट्रपति भवन ने इस मामले में एक प्रेस विज्ञप्ति में जारी की है। इसमें राष्ट्रपति भवन ने कहा, “भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।”
खत्म हो गया छात्रों का आंदोलन
बता दें कि नीट पेपर लीक के मामले में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के लगातार विराट होने के चलते धर्मेंद्र प्रधान को मजबूरी में इस्तीफा देना पड़ा था। जंतर मंतर पर पिछले एक हफ्ते में भारी जनसैलाब देखने को मिला था। ऐसे में अब जब इस्तीफा हो गया है, तो छात्रों का आंदोलन भी खत्म हो गया है। छात्र और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग जंतर-मंतर खाली कर चुके हैं।
यह भी पढ़ें: छात्र राजनीति से केंद्रीय मंत्री तक: पढ़िए धर्मेंद्र प्रधान के राजनीतिक सफर और हालिया विवादों की पूरी कहानी
NEET पेपर लीक मामले में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दबाव के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है। वे पिछले वर्षों में बीजेपी के सबसे टिकाऊ और बड़े मंत्री के तौर पर उभरे थे। उन्हें एक कुशल मैनेजर और राजनीतिक प्रबंधक के तौर पर देखा जाता है, जो कि आलाकमान के करीबी भी हैं। पढ़िए पूरी खबर…
