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बंगाल में BJP की हार के बाद विजयवर्गीय के खिलाफ विरोध, लगे ‘गो बैक’ के पोस्टर

बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी छोड़ बीजेपी में आए नेता अब घर वापसी करने में लगे हुए हैं। इस बीच बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का बंगाल में विरोध हो रहा है।

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय। फाइल फोटो।

बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी छोड़ बीजेपी में आए नेता अब घर वापसी करने में लगे हुए हैं। इस बीच बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का बंगाल में विरोध हो रहा है। राज्य के दौरे पर आए नेता के खिलाफ ‘गो बैक’ के पोस्टर लगाए गए हैं। मालूम हो कि बंगाल चुनाव में विजयवर्गीय पार्टी की ओर से प्रभारी थे और चुनाव नतीजों में बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

इस बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ कोलकाता नहीं लौटेंगे। बल्कि आज वह राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करने के लिए केन्द्रीय मंत्री अमित शाह से दोबारा मुलाकात कर सकते हैं। धनखड़ ने इससे पहले भी अमित शाह से मुलाकात की थी। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने गृह मंत्री को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी, जहां से चुनाव के बाद हिंसा की कई घटनाओं की रिपोर्ट आई हैं।

सूत्रों ने बताया कि धनखड़ आज कोलकाता के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन अब शनिवार को वापस लौटेंगे। आज दिन में गृह मंत्री के साथ उनकी बैठक की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। धनखड़ मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंच थे। उनके कोलकाता से रवाना होने से एक दिन पहले ही भाजपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में कथित तौर पर कानून एवं व्यवस्था बिगड़ने को लेकर उन्हें एक याचिका दी थी।

धनखड़ ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी एक पत्र लिखा था और उन पर राज्य में चुनाव के बाद हिंसा पर चुप्पी साधने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया था। राज्यपाल ने यह पत्र ट्विटर पर भी साझा किया था, जिसकी राज्य के गृह विभाग ने आलोचना की थी और इसे सभी स्थापित नियमों का उल्लंघन बताया था।

वहीं, कलकत्ता हाई कोर्ट ने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नंदीग्राम विधानसभा सीट से निर्वाचन को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई 24 जून तक के लिए स्थगित कर दी है। बनर्जी के वकील ने न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की पीठ के समक्ष मामले को पेश किया।

न्यायमूर्ति चंदा ने याचिकाकर्ता के वकील को चुनाव याचिका की प्रतियां प्रतिवादियों को देने को कहा और मामले पर अगली सुनवाई के लिए दिन तय किया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने अपनी याचिका में भाजपा विधायक अधिकारी पर जन प्रतिनिधि कानून, 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट आचरण करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने याचिका में यह भी दावा किया कि मतगणना प्रक्रिया में विसंगतियां थीं।

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