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‘हो चुका है विचार, देंगे उखाड़’: जेडीयू का पलटवार- ‘क्यों करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार’, बिहार में जारी पोस्टर वार

साल 2015 के विधान सभा चुनाव से पहले लालू और नीतीश ने हाथ मिला लिया था और दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। तब 243 सीटों वाली विधानसभा में 80 सीटें जीतकर राजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, जबकि 71 सीटों के साथ जेडीयू दूसरे नंबर पर रही थी।

जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव की तरफ से लगाया गया पोस्टर। (फोटो-ट्विटर)

वैसे तो बिहार में विधान सभा चुनाव होने में अभी एक साल से ज्यादा का समय बचा है लेकिन सीएम नीतीश कुमार पर विपक्ष हमलावर है। राज्य में तीसरा मोर्चा बनाने की जोर आजमाइश कर रहे पप्पू यादव भी नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं। इस कड़ी में राजधानी पटना में राजनीतिक पार्टियां पोस्टर वार खेल रही हैं। सोमवार (2 सितंबर) को जेडीयू ने पटना में अपने दफ्तर के आगे सीएम नीतीश कुमार का एक बड़ा पोस्टर लगवाया, जिसमें लिखा था, “क्यों करें विचार, ठीके तो हैं नीतीश कुमार।” माना जा रहा है कि जेडीयू की तरफ से ये पोस्टर पार्टी महासचिव आरसीपी सिंह ने लगवाया है।

इस पोस्टर के जवाब में राजद खेमे ने तुरंत जवाबी पोस्टर लगाया। राजद के पोस्टर में लिखा था, “क्यों न करें विचार, बिहार जो है बीमार।” राजद ने इसके साथ ही पूरे बिहार का एक नक्शा भी लगाया है, जिसमें कई मुद्दों को जगह दी गई है। मसलन, चमकी बुखार, सुखाड़, हत्या, डकैती, लूट आदि का ब्यौरा दिया गया है। इन मुद्दों के सहारे राजद ने राज्य की जेडीयू-बीजेपी गठबंधन सरकार पर निशाना साधा है।

बिहार में सत्ताधारी और विपक्षी दलों में पोस्टर वार शुरू हो गया है। (फोटो-ANI)

उधर, तीसरे मोर्चे के लिए जोर-आजमाइश कर रहे जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव की तरफ से भी पटना में पोस्टर लगाए गए। पप्पू के पोस्टर में लिखा था, “हो चुका है विचार, देंगे उखाड़… कहीं के नहीं रहेंगे नीतीश कुमार।” पप्पू यादव ने इसके साथ ही ट्विटर पर भी नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लिखा, “लगभग 15 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी फिर से! अरे, एक बार फिर क्यों? न बाबा न, बिल्कुल नहीं! बहुत हुआ! जाईये, बिहार को अब चाहिए नई सरकार। जो दे सके युवाओं को रोजगार,जो शिक्षा और स्वास्थ्य में बना सके अव्वल बिहार। जो सबको दे सके शांति, सुरक्षा, न्याय एवं सम्मान के साथ समान अधिकार।”

साल 2015 के विधान सभा चुनाव से पहले लालू और नीतीश ने हाथ मिला लिया था और दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। तब 243 सीटों वाली विधानसभा में 80 सीटें जीतकर राजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, जबकि 71 सीटों के साथ जेडीयू दूसरे नंबर पर रही थी। दोनों दलों की साझा सरकार जुलाई 2017 के अंत तक चली। बाद में नीतीश कुमार ने महागठबंधन तोड़ते हुए बीजेपी से हाथ मिला लिया और एनडीए की सरकार बनाई।

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