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चाहता था राहुल जी बनें कांग्रेस अध्यक्ष पर वो नहीं माने तो मैदान में उतरना पड़ा- बोले केएन त्रिपाठी, दिग्विजय के बेटे ने बताई पर्चा वापस लेने की कहानी

पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। हालांकि, दिग्विजय सिंह का नामांकन दाखिल न करना चर्चा में बना रहा।

चाहता था राहुल जी बनें कांग्रेस अध्यक्ष पर वो नहीं माने तो मैदान में उतरना पड़ा- बोले केएन त्रिपाठी, दिग्विजय के बेटे ने बताई पर्चा वापस लेने की कहानी
केएन त्रिपाठी (फोटो- ANI)

Congress President Polls: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। लेकिन, इनके अलावा एक और नाम चर्चा में रहा और वह झारखंड कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी का है, जिन्होंने पार्टी के सर्वोच्च पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

एक टीवी चैनल से बात करते हुए केएन त्रिपाठी ने कहा कि हम लोग चाहते थे कि राहुल गांधी चुनाव लड़ें, लेकिन एक बार वह कोई फैसला ले लेते हैं तो वह उस पर बहुत दृढ़ रहते हैं। त्रिपाठी ने कहा कि सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और कहा गया कि इस पद के लिए कोई भी चुनाव लड़ सकता है।

केएन त्रिपाठी ने कहा, “जब हमने कल फॉर्म लिया था तब परिस्थिति अलग थी और आज परिस्थिति अलग थी। आज पहला नामांकन मेरा ही था। नामांकन फॉर्म की जांच हो जाए तब हम सभी नेता आपस में बात करेंगे, पूरी पार्टी एकजुट है और सभी लोग एक साथ हैं। खड़गे जी ने भी नामांकन किया है। ” भारत जोड़ो यात्रा पर त्रिपाठी ने कहा कि आजादी के बाद किसी भी नेता ने इतना बड़ी पद यात्रा नहीं की। राहुल गांधी को जननेता बताते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि पूरा देश उनके साथ चल रहा है।

दिग्विजय सिंह ने क्यों नहीं भरा पर्चा- जयवर्धन ने बताया

पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल किया। हालांकि, दिग्विजय सिंह का नामांकन दाखिल न करना चर्चा में बना रहा। दिग्विजय सिंह ने आखिरी वक्त में अपने विचार क्यों बदल दिए, इस सवाल पर उनके बेटे जयवर्धन सिंह ने कहा, “कल जब खड़गे साहब की उनसे मुलाकात हुई थी तब तक यह बात सामने नहीं आई थी कि वह भी पर्चा भरेंगे। और जब देर रात या सुबह यह जानकारी सामने आई तब दिग्विजय सिंह ने यह उचित समझा कि खड़गे जी वरिष्ठ हैं और सम्माननीय भी, इसलिए उन्होंने पर्चा दाखिल नहीं किया।” जयवर्धन सिंह ने कहा कि दिग्विजय सिंह और खड़गे के संबंध बहुत पुराने हैं और जब उनके नामांकन की खबर लगी तो दिग्विजय सिंह ने अपना पर्चा न भरने का फैसला किया।

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First published on: 30-09-2022 at 08:55:16 pm