ताज़ा खबर
 

दलित छात्र खुदकुशी पर सियासत: राहुल ने ईरानी और दत्तात्रेय पर बोला हमला, भाजपा बचाव पर उतरी

हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक दलित शोधार्थी रोहित वेमुला की खुदकुशी पर राहुल गांधी ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय पर निशाना साधा।
Author हैदराबाद / नई दिल्ली | January 20, 2016 01:54 am
नई दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के खिलाफ प्रदर्शन करते युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता। (पीटीआई फाइल फोटो)

केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक दलित शोधार्थी रोहित वेमुला की खुदकुशी के मामले ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बहाना दे दिया है। मंगलवार को कांग्रेस व अन्य दलों ने केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर निशाना साधा और दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मामले को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। तनाव के माहौल में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय पर निशाना साधा। गांधी ने कहा कि मंत्री और कुलपति ने ‘निष्पक्ष तरीके से कदम नहीं उठाया’, जिसके कारण पीड़ित छात्र यह कदम उठाने के लिए मजबूर हुआ।

इस बीच राहुल गांधी के हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का दौरा करने के बाद भाजपा ने उन पर दलित छात्र की आत्महत्या के मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और कहा कि इस मुद्दे का छात्र के दलित वर्ग का होने से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा महासचिव पी मुरलीधर राव ने राहुल गांधी पर ‘सिद्धांतहीन’ रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उन पर निशाना साधा और कहा कि दलित नेता बीआर आंबेडकर को उनके जीवनभर परेशान करने वाली कांग्रेस अब खुद को दलित हितों का मसीहा के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या को कांग्रेस ने, मीडिया के एक वर्ग ने और निहित स्वार्थ वाले कुछ समूहों ने राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। राव ने अपने ट्वीट में लिखा, रोहित वेमुला की आत्महत्या का सिर्फ इसलिए दलित अधिकारों या मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि वे दलित थे। यह केवल मुद्दे का राजनीतिकरण करना है। उन्होंने कहा, अदालत के कहने पर रोहित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने उन्हें छात्रावास के अलावा शेष परिसर में प्रवेश करने की अनुमति देकर नरम रुख अपनाया था। राव ने कहा, राहुल गांधी की जल्दबाजी में की गई हैदराबाद की यात्रा सिद्धांतहीन रवैया है और दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि राष्ट्रीय स्तर की एक राजनीतिक पार्टी इस स्तर तक गिर जाती है।

राहुल सुबह दिल्ली से यहां पहुंचे और हवाई अड्डे से सीधे विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संस्थान ने निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय छात्रों की अभिव्यक्ति की आजादी को ‘कुचलने’ के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग किया है। उन्होंने छात्रों से कहा, कुलपति और दिल्ली में मंत्री ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया। परिणाम क्या हुआ। परिणाम यह हुआ कि देश को सुधारने, सीखने और खुद को व्यक्त करने के लिए यहां आया छात्र इतनी पीड़ा में था कि उसके पास आत्महत्या करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।

उन्होंने कहा, निश्चित रूप से उसने खुदकुशी की, लेकिन उसकी खुदकुशी के लिए परिस्थितियां कुलपति, मंत्री और संस्थान ने पैदा कीं। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने उनके भाषण से पहले कहा कि वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं चाहते हैं। उन्होंने शोधार्थी की मौत के लिए कुलपति और मंत्री को ‘जिम्मेदार’ ठहराते हुए उन्हें ‘कड़ी से कड़ी सजा’ की मांग की। हालांकि राहुल ने स्मृति का नाम नहीं लिया।

गौरतलब है कि स्मृति ने पिछले दिनों अमेठी में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर अपने क्षेत्र में युवाओं के मुद्दों पर गौर नहीं करने का आरोप लगाया था। छात्रों से मिलने के बाद गांधी ने एक ट्वीट करके स्मृति, दत्तात्रेय और कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोला और कहा, वीसी और दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया।

रविवार रात खुदकुशी करने वाला दलित छात्र रोहित वेमुला उन पांच शोधार्थियों में शामिल था, जिन्हें हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय ने पिछले साल अगस्त में निलंबित कर दिया था। वह एक छात्र नेता पर हमले के मामले के आरोपियों में शामिल था। विश्वविद्यालय ने इन शोधार्थियों को छात्रावास से भी निकाल दिया था। दलित छात्र की कथित आत्महत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी में सोमवार को केंद्रीय श्रम मंत्री दत्तात्रेय और हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति के अलावा तीन अन्य को नामजद किया गया था।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि कुलपति के बने रहने का कोई सवाल ही नहीं है। गांधी ने दिवंगत छात्र की मां से नहीं मिलने के लिए कुलपति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, कुछ खास लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं। कुलपति उनमें शामिल हैं। मंत्री उनमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इस मौके पर राहुल ने छात्रों के हितों की रक्षा के लिए एक कानून की जरूरत पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा कानून बनाना चाहिए जो हर भारतीय छात्र को कुछ खास न्यूनतम अधिकार, विचारों और अभिव्यक्ति की आजादी के संबंध में न्यूनतम अधिकार दे। गांधी ने कहा, कोई भी अपने विचार व्यक्त कर सकता है, यह सोचे बगैर कि वह कौन है, किस जाति का है, वह कहां से आता है, वह किस धर्म का है। एक अन्य ट्वीट में गांधी ने कहा, कोई भी छात्र विश्वविद्यालय आ सकता है, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो। उसे सोचना चाहिए कि मैं जो बोलना चाहता हूं, वह मैं बोल सकता हूं। विश्वविद्यालय का विचार यह है कि युवा लोग आकर अपने विचार साझा कर सकते हैं। राहुल ने यहां हैदराबाद विश्वविद्यालय की आंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छात्रों से मुलाकात की।

राहुल गांधी ने कहा कि कुछ खास लोग हैं जो इस लड़के की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। कुलपति उनमें शामिल हैं। मंत्री उनमें शामिल हैं और जिन लोगों ने इस लड़के पर दबाव बनाया वे भी उनमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इससे पहले गांधी ने विश्वविद्यालय में बनाए गए एक स्मारक ‘स्तूप’ पर फूल चढ़ाकर वेमुला को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वेमुला के परिजनों के साथ भी थोड़ा समय बिताया और संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर उनके साथ तेलंगाना कांग्रेस के नेता भी मौजूद थे। राहुल गांधी इस घटना के बाद विश्वविद्यालय का दौरा करने वाले किसी राष्ट्रीय दल के पहले बड़े नेता हैं। तृणमूल कांग्रेस सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन के नेतृत्व में पार्टी का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी मंगलवार को हैदराबाद गया।

आरपीआई नेता रामदास अठावले बुधवार को हैदराबाद में पीड़ित छात्र के परिवार से मिलेंगे। राकांपा की छात्र शाखा ने महाराष्ट्र में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। कुछ छात्र नेताओं ने स्पष्ट करने का प्रयास किया कि यह मुद्दा उनके लिए कांग्रेस बनाम भाजपा नहीं है और वे इस पर राजनीति करना नहीं चाहते क्योंकि प्रदर्शन का मकसद पीड़ित के लिए न्याय मांगना है।

गांधी ने कहा, रोहित के परिजनों को मुआवजा दिया जाना चाहिए और यह पूरी तरह से वैध मांग है कि उसके परिवार को पांच करोड़ रुपए दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुआवजे का मतलब पीड़ित परिवार के लिए सम्मान और नौकरी भी होता है। उन्होंने कहा, मैं रोहित के लिए यहां आया हूं। रोहित अकेला नहीं है। इस विश्वविद्यालय में आप अकेले नहीं हैं।

आजम का वार: उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुहम्मद आजम खां ने रोहित वेमुला की आत्महत्या के लिए भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी संगठनों को जिम्मेदार करार देते हुए इस मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुजारिश की।

खां ने लखनऊ में एक बयान में कहा, वेमुला की आत्महत्या के लिए केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी और उसके सहयोगी संगठन जिम्मेदार हैं। ये लोग दलित और अल्पसंख्यक विरोधी हैं और वे नहीं चाहते कि इन समुदायों के लोग शिक्षित हों। उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से हस्तक्षेप की गुजारिश की।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App