मोदी और राहुल गांधी में क्या फर्क? प्रशांत किशोर बोले- ज़मीन आसमान का अंतर, हर कोई नहीं बनता पीएम

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रशांत किशोर ने कहा, "मैंने उनके साथ लंबे समय तक काम किया नहीं है। राहुल गांधी पर मैं बोलूं मुझे लगता है कि ये मेरे से बहुत बड़ी बात है।"

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: April 14, 2021 9:07 AM
PM Narendra Modi, Rahul Gandhiप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच प्रशांत किशोर ने बताया फर्क।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। जहां तृणमूल कांग्रेस की सीधी टक्कर इस बार भाजपा से मानी जा रही है, वहीं लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन भी इन दोनों को चुनौती देता दिख रहा है। इस बीच चुनाव में टीएमसी के लिए रणनीति तैयार कर रहे रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच अंतर बताया है। इतना ही नहीं, एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में किशोर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कुछ मजबूत पक्षों का भी जिक्र किया।

मोदी-राहुल के फर्क पर क्या बोले प्रशांत किशोर: आजतक के शो में जब एंकर अंजना ओम कश्यप ने भाजपा और कई अन्य विपक्षी दलों के साथ काम कर चुके प्रशांत किशोर से मोदी और राहुल में फर्क को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने कहा, “दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है। इसका बैठकर विश्लेषण करने की जरूरत है। दोनों की कार्यशैली अलग है। मोदीजी के जो काम करने का तरीका है, वो उनको सूट करता है उनके लिए वो सफल रहा है।”

जब एंकर ने किशोर से पूछा कि दोनों नेता आपसे कैसे इंटरऐक्ट करते थे, तो उन्होंने कहा, “कैसे इंटरऐक्ट करते थे, ये बताना मुश्किल है। लेकिन वे कुछ ठीक कर रहे होंगे, तभी जीतकर आए होंगे। हर मुख्यमंत्री तो प्रधानमंत्री बन नहीं जाता। अगर वे सात साल से इस पद पर बने हुए हैं, तो कुछ तो ठीक कर रहे होंगे।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रशांत ने कहा, “मैंने उनके साथ लंबे समय तक काम किया नहीं है। राहुल गांधी पर मैं बोलूं मुझे लगता है कि ये मेरे से बहुत बड़ी बात है। मैं कौन होता हूं राहुल गांधी पर बोलने वाला। राहुल गांधी सक्षम हैं अपने विषय में बताने के लिए। उनकी बड़ी पार्टी है। 100 साल पुरानी पार्टी है। इतने बड़े-बड़े नेता हैं।”

‘मोदीजी में सुनने की अद्भुत क्षमता’: जब एंकर ने पूछा कि प्रोफेशनली दोनों नेताओं में क्या अंतर है, तो प्रशांत किशोर बोले- “मोदीजी की जो ताकत है कि वे एक गजब लिस्नर हैं। यानी दूसरों को सुनने में मजबूत हैं। शायद ये मेरे देखने का नजरिया है। लोकतंत्र में एक सबसे बड़ी चीज है कि आप कितना दूसरी आवाजों को सुन सकते हैं। वे काफी अच्छे से आवाजें सुनते हैं।

‘जमीन से जुड़ाव ममता बनर्जी की ताकत’: ममता बनर्जी के बारे में बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “उनकी ताकत आधारभूत चीजों की उनकी समझ है, जो उनकी एनर्जी है, जो लोगों से जुड़ने की उनकी क्षमता है। हर नेता का अपना तरीका है। जनता ने अगर उसे प्यार किया है, उसको वोट किया है, तो कुछ तो उसमें अच्छी बात होगी। उनका जो पीपुल्स कनेक्ट है, वो बहुतेरे नेताओं से अच्छा है।”

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