आम आदमी पार्टी (AAP) के चंदे में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पार्टी ने इस दौरान 12.09 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की जानकारी दी है। वहीं, ओडिशा में 24 साल तक सत्ता में रही बीजू जनता दल (BJD) ने 20,000 रुपये से अधिक के चंदे के रूप में कोई योगदान नहीं मिलने की घोषणा की है। दूसरी ओर, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) को 58.25 करोड़ रुपये का चंदा मिला है।

चुनाव आयोग (EC) को सौंपी गई राजनीतिक दलों की चंदा रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी और बीजू जनता दल के अलावा कई अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी अपने चंदे का ब्योरा दिया है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और अन्य राष्ट्रीय दलों की चंदा रिपोर्ट चुनाव आयोग ने अभी सार्वजनिक नहीं की है।

AAP को मिले 12.09 करोड़ रुपये, पिछले साल से 68% कम

आम आदमी पार्टी ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 12.09 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की घोषणा की है। यह राशि वित्त वर्ष 2024-25 में मिले 38.10 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 68 प्रतिशत कम है।

पार्टी को मिले कुल चंदे में दो प्रमुख दानदाताओं का सबसे बड़ा योगदान रहा। प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड ने 5-5 करोड़ रुपये दिए। इस तरह इन दोनों संस्थाओं से पार्टी को कुल 10 करोड़ रुपये मिले।

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले प्रमुख ट्रस्टों में शामिल है। इसे पहले भारती, टाटा समूह और जिंदल समूह जैसी बड़ी कंपनियों से योगदान मिलता रहा है। हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस ट्रस्ट की चंदा रिपोर्ट अभी उपलब्ध नहीं थी।

ट्राइडेंट लिमिटेड की स्थापना राजिंदर गुप्ता ने की थी। पंजाब के कारोबारी गुप्ता पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद थे। वह इस साल की शुरुआत में बीजेपी में शामिल हो गए थे।

AAP को जैन सिद्दीकी एंड एसोसिएट्स से 5 लाख रुपये और ब्रिलियंट स्टडी सेंटर से 20,010 रुपये भी मिले। बाकी चंदा व्यक्तिगत दानदाताओं से आया। पार्टी के पूर्व प्रवक्ता और अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने भी 21,100 रुपये का योगदान दिया।

सत्ता से बाहर होने के बाद BJD का चंदा शून्य

ओडिशा में 24 साल तक लगातार सत्ता में रही बीजू जनता दल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 20,000 रुपये से अधिक का कोई चंदा नहीं मिलने की जानकारी दी है। वर्ष 2024 में सत्ता से बाहर होने के बाद यह उसका पहला वित्त वर्ष था।

पार्टी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 60 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की घोषणा की थी। उस दौरान वेदांता लिमिटेड 25 करोड़ रुपये के योगदान के साथ पार्टी का सबसे बड़ा दानदाता था।

हालांकि, चंदे की रिपोर्ट में 20,000 रुपये से अधिक के योगदान का ही ब्योरा देना जरूरी होता है। ऐसे में बीजेडी को इससे कम राशि के चंदे मिले हों, तो उनका विवरण इस रिपोर्ट में शामिल नहीं होगा।

असम गण परिषद को बीजेपी की राज्य इकाई से मिले 5.18 करोड़ रुपये

बीजेपी की सहयोगी असम गण परिषद (AGP) को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 7.64 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इसमें से 5.18 करोड़ रुपये बीजेपी की असम इकाई ने दिए। इसके अलावा, पार्टी को दो कंपनियों से कुल 35 लाख रुपये का योगदान मिला। इनमें एक कंपनी ने 25 लाख रुपये और दूसरी ने 10 लाख रुपये दिए।

TDP को मिले 58.25 करोड़ रुपये

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की प्रमुख सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 58.25 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इसमें से 45 करोड़ रुपये दिल्ली स्थित प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिले। वहीं, कंपनियों ने पार्टी को कुल 1.76 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इस तरह प्रूडेंट ट्रस्ट पार्टी का सबसे बड़ा दानदाता रहा।

चिराग पासवान की पार्टी को मिले 3.23 करोड़ रुपये

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 3.23 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इसमें से 1 करोड़ रुपये प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने दिए। इसके अलावा, एगवेंचर एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, मैग्नम मैनेजमेंट एंड सर्विसेज, गणेश इन्फ्रावर्ल्ड लिमिटेड, जेपीजे इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और भवानी होम्स प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियों ने 80 लाख रुपये से अधिक का योगदान दिया।

YSRCP को मिले 24.30 करोड़ रुपये

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 24.30 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की घोषणा की। चेन्नई स्थित गुडवुड सैंक्चुअरी प्राइवेट लिमिटेड ने पार्टी को सबसे अधिक 10 करोड़ रुपये दिए। वहीं, चेन्नई की ही एनए डिवाइन हैबिटेट प्राइवेट लिमिटेड ने 5 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

BJP और कांग्रेस की रिपोर्ट का इंतजार

राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग के पास सालाना योगदान रिपोर्ट जमा करनी होती है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर राजनीतिक दलों की वार्षिक योगदान रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती हैं। आयोग के अनुसार ये रिपोर्ट मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से संबंधित होती हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी तक बीजेपी, कांग्रेस और अन्य राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की वित्त वर्ष 2025-26 की चंदा रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में इन दलों के लिए इस वित्त वर्ष में घोषित चंदे की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है।

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